Advertisement

Cyber Crime In India: साइबर अटैक के साथ तेजी से बढ़ा AI बेस्ड क्राइम, जानें कौन से नंबर पर है भारत

भारत में मैलवेयर साइबर अटैक और साइबर सुरक्षा फर्म एक्रोनिस द्वारा जारी एक नई साइबर क्राइम रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत अब दुनिया का सबसे खतरनाक डिजिटल क्षेत्र बन गया है. 

Latest News
Cyber Crime In India: साइबर अटैक के साथ तेजी से बढ़ा AI बेस्ड क्राइम, जानें कौन से नंबर पर है भारत
Add DNA as a Preferred Source

भारत में मैलवेयर हमले: भारत में साइबर क्राइम दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है, साइबर क्रमिनल नए-नए तरीके अपनाकर डेटा चोरी और बैंकिंग फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं. एक्रोनिस की एक रिपोर्ट के अनुसार, मैलवेयर अटैक के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है. रैंसमवेयर, फ़िशिंग ईमेल और डीपफेक स्कैम देश में व्यक्तियों, संगठनों और सरकारी सेवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. 

नई रिपोर्ट में हुआ हैरान करने वाला खुलासा

साइबर सुरक्षा फर्म एक्रोनिस की एक रिपोर्ट (एक्रोनिस रिपोर्ट 2025) के अनुसार, मैलवेयर हमलों के मामले में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है. भारत में ब्राज़ील और स्पेन जैसे देशों से भी ज़्यादा साइबर धोखाधड़ी हो रही है. इस तरह से भारत साइबर हमलों का एक हॉटस्पॉट बन गया है. एक्रोनिस की रिपोर्ट के अनुसार, एआई-आधारित रैंसमवेयर, फ़िशिंग ईमेल और डीपफेक स्कैम बड़े खतरे बनकर उभरे हैं. इस साल जनवरी से जून तक इकट्ठा किए गए आंकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट भारत में साइबर अपराध में तेज़ी से बढ़ने की चेतावनी दे रही है.

डिजिटलाइजेशन के साथ बढ़ रहे साइबर अटैक

भारत के लगातार डिजिटलाइजेशन हो रहा है. इसके साथ साइबर अटैक का खतरा लगातार बना हुआ है. एक्रोनिस साइबरथ्रेट्स की रिपोर्ट के अनुसार, लैपटॉप, मोबाइल फ़ोन और अन्य डिवाइस कई साइबर अटैक का सामना कर रहे हैं. मई 2025 में, विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम के 12.4% डिवाइस मैलवेयर से प्रभावित थे, जो जून में बढ़कर 13.2% हो गये. यह दुनिया में सबसे ज़्यादा है. 

ईमेल और वेबसाइट पर अटैक भी बढ़े

रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक ईमेल और वेबसाइट्स पर भी साइबर अटैक बढ़े हैं. 2024 में ये हमले 20% थे, जबकि 2025 में ये बढ़कर 25.6% हो गये हैं. साइबर क्रमिनल क्रेडिट कार्ड, पासवर्ड और व्यक्तिगत डेटा चुराने के लिए फ़िशिंग, फर्जी इनवॉइस और डीपफेक स्कैम बनाने के लिए जनरेटिव एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस वजह से, स्कैम का पता लगाना और उन पर कंट्रोल करना और भी मुश्किल होता जा रहा है. इसके अलावा, भारत में फ़िशिंग हमलों में भी चिंताजनक रूप से वृद्धि हुई है. खासकर माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और स्लैक जैसे प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ, फ़िशिंग का निशाना इन प्लेटफॉर्म्स को बनाया जा रहा है. 2025 में फ़िशिंग हमले 9% से बढ़कर 30.5% हो गए. इसी तरह, पेलोड-रहित, नकली ईमेल हमले 9% से बढ़कर 24.5% हो गये. 

डेटा की सुरक्षा कैसे करें

भारत में साइबर क्राइम के मामले में स्थिति के कारण, सुरक्षा उपाय और भी महत्वपूर्ण हो गये हैं. यह साइबर सुरक्षा के लिए एआई-बेस्ड सुरक्षा समाधानों की जरूरत है. एक्रोनिस के अनुसार, सक्रिय, बहुस्तरीय सुरक्षा दृष्टिकोण अपनाए जाने चाहिए. इनमें व्यवहार-आधारित खतरे का पता लगाना, लगातार ऑडिट, आॅटो अपडेट और क्लाउड एवं ईमेल सुरक्षा प्रणालियों को मज़बूत करना शामिल है. इसी तरह, कर्मचारियों को सोशल इंजीनियरिंग और फ़िशिंग जैसे खतरों के बारे में बताना भी ज़रूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, व्यक्तियों और संगठनों के लिए अपने उपकरणों और ऑनलाइन खातों को एआई-आधारित सुरक्षा समाधानों से सुरक्षित रखना बेहद ज़रूरी है. धोखेबाज़ों और हैकर्स की रणनीतियों का पहले से अनुमान लगाकर और प्रभावी सुरक्षा नीतियां अपनाकर, वे इस साइबर खतरे से बच सकते हैं.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement