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'ये मेडल तालिबान को मेरा जवाब है' गुजरात में पढ़ाई का गोल्ड मेडल जीती अफगानी लड़की

Afghan Woman Wins Gold Medal: रजिया मुरादा ने कहा कि ये मेडल अफगानिस्तान की उन महिलाओं के लिए है जो शिक्षा से वंचित हैं.

'ये मेडल तालिबान को मेरा जवाब है' गुजरात में पढ़ाई का गोल्ड मेडल जीती अफगानी लड़की

Afghan woman

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डीएनए हिंदी: गुजरात के वीर नर्मदा यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली अफगानिस्तान की एक लड़की ने MA कोर्स में गोल्ड मेडल जीता है. छात्रा का नाम रजिया मुरादा है. गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रजिया को गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया. इस दौरान रजिया ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को आईना दिखाया. उन्होंने कहा, 'मैं तालिबान को बताया चाहती हूं कि अगर महिलाओं को मौका दिया जाए तो वो हर क्षेत्र में कामयाबी का परचम लहरा सकती हैं. ये मेडल तालिबान को मेरा जवाब है.'

रजिया मुरादा ने कहा कि मुझे भरोसा नहीं था कि मुझे गोल्ड मेडल मिलेगा. मेरी क्लास में ऐसे बहुत सारे होनहार छात्र हैं जो इस मेडल के हकदार हैं. उन्होंने कहा कि ये मेडल अफगानिस्तान की उन महिलाओं के लिए है जो शिक्षा से वंचित हैं. रजिया ने सोमवार को नर्मदा दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय (VNSGU) के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल जीता. उनको एमए में 8.60की CGPA मिला, जो इस विषय में सर्वोच्च स्कोर है.

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तालिबान में महिलाओं पर बढ़ी पाबंदियां
अफगानिस्तान ने तालिबान के कब्जे के बाद हालात बदल गए हैं. खासतौर पर महिलाओं पर पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं. यही वजह है कि तालिबान के कब्जे की वजह से रजिया मुरादी पिछले 3 साल से अपने परिवार से नहीं मिली है. रजिया 2020 में एमए की पढ़ाई करने भारत आई थीं. रजिया ने कहा कि अफगान में पहले सब कुछ अच्छा था लेकिन तालिबान के कब्जे के बाद हालात बदल गए. महिलाओं को स्कूल, ऑफिस और बाहर काम करने से रोका जाता है. तालिबानी हुकूमत मानवधिकारों का सम्मान नहीं करती.

रजिया ने कहा कि अभी मैं पीएचडी कर रही हूं. मुझे उम्मीद है जब तक मेरी डिग्री पूरी होगी अफगानिस्तान में हालात बदल जाएंगे. मैं चाहतू हैं कि मेरे देश में सभी लोगों को बराबर का अधिकार मिले फिर चाहे महिला हो या पुरुष. उन्होंने कहा कि मैं अपने देश में बदलाव चाहती हूं. मैं विकास और पुनर्वास के लिए कार्य करना चाहती हूं.

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