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मौसम विभाग ने आज यानी 8 सितंबर के लिए दिल्ली-एनसीआर और देश के 17 राज्यों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक मानसून का असर अभी भी बना हुआ है. मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए चिंता बढ़ाने वाला अपडेट दिया है. आज यानी 8 सितंबर को अगले 9 से 10 घंटों के भीतर देश के 17 राज्यों में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. हवाएं 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं.
इसके अलावा पूर्वी भारत में बिजली गिरने और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की आशंका है. अगर आप पहाड़ों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो फिलहाल उससे बचने की सलाह दी गई है. वहीं, समंदर में जाने वाले मछुआरों को भी तटों से लौटने को कहा गया है.
दिल्ली-एनसीआर में आज बादल छाए रहने और कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की उम्मीद है. 8 से 13 सितंबर के दौरान दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश देखने को मिल सकती है. इस दौरान हवाएं भी तेज चलेंगी, जिससे उमस से राहत तो मिलेगी लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है.
दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी यूपी में 8 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है. पूर्वी यूपी में 9 से 13 सितंबर के बीच पानी बरस सकता है. उत्तराखंड में 8 और 9 सितंबर को ज्यादातर जगहों पर बारिश होगी, जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के इलाकों में 13 सितंबर तक आंधी-पानी का अलर्ट है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आज बारिश और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने के आसार हैं. पश्चिमी एमपी में 11 सितंबर तक और विदर्भ में 10 व 13 सितंबर को बारिश हो सकती है. बिहार में 10 से 13 सितंबर, झारखंड में 12-13 सितंबर और पश्चिम बंगाल के मैदानी भागों में 11 से 13 सितंबर के बीच तेज बारिश की संभावना जताई गई है. ओडिशा में अगले 4-5 दिनों तक अच्छी बारिश हो सकती है.
वहीं, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी है. दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में 13 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
कश्मीर के पास वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में बना हुआ है, जिसकी वजह से पहाड़ों पर मौसम बिगड़ रहा है. इसके साथ ही दक्षिण तेलंगाना से मन्नार की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा गुजर रही है, जो मैदानी इलाकों में नमी और बारिश को बढ़ावा दे रही है.
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