भारत
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह से ही छाए बादलों और झमाझम बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.
Aaj Ka Mausam 21 July 2026: दिल्ली-एनसीआर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. दिल्ली वालों को जहां लंबे इंतजार के बाद उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं देश के पहाड़ी इलाकों में यही बारिश आफत बनकर टूटी है. राजधानी दिल्ली में मंगलवार (21 जुलाई 2026) रात से ही झमाझम बारिश का दौर जारी है.
सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं ने मौसम को काफी खुशनुमा बना दिया है. सोमवार को करीब नौ दिनों के लंबे सूखे के बाद आखिरकार मानसून ने दिल्ली में फिर से दस्तक दी थी. 11 जुलाई के बाद से ही शहर में बारिश बंद थी, जिसकी वजह से लोग बेहिसाब गर्मी और चिपचिपी उमस झेलने को मजबूर थे. जुलाई के महीने में पिछले 16 सालों के दौरान मानसून का इतना लंबा ब्रेक कभी नहीं देखा गया था.
सोमवार तड़के और दिनभर हुई हल्की-फुल्की फुहारों ने पारे को सीधा नीचे ला गिराया. सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान करीब 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 6 से 7 डिग्री तक कम है. आयानगर और सफदरजंग समेत शहर के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश रिकॉर्ड की गई है. मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अनुमान है कि दिनभर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी और कुछ इलाकों में तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं.
दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सुबह से ही आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हुआ है और रुक-रुक कर रिमझिम बारिश का दौर जारी है. बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान गिरकर 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया है, जिससे लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही उमस और गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है.
वहीं मेरठ और आसपास के इलाकों में मानसून की अच्छी सक्रियता देखने को मिल रही है, जहां दिनभर बौछारें पड़ने और हल्की गर्जना के साथ मौसम बेहद सुहाना बना हुआ है. हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव की वजह से सुबह के वक्त दफ्तर जाने वाले लोगों को थोड़ी बहुत ट्रैफिक की समस्या का सामना भी करना पड़ रहा है. दूसरी तरफ गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बादलों की आवाजाही के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है.
साइबर सिटी गुरुग्राम में सुबह की शुरुआत गरज-चमक के साथ हुई, जिससे पारे में गिरावट आई और मौसम खुशनुमा हो गया है. फरीदाबाद में भी लगातार हो रही फुहारों ने लोगों को चिलचिलाती धूप से आजादी दिलाई है, हालांकि हवा में नमी का स्तर बढ़ा हुआ है. मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में अगले 24 से 48 घंटों तक ऐसा ही सुहावना मौसम बना रहेगा और बीच-बीच में तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी.
एक तरफ जहां दिल्ली के लोग बारिश का मजा ले रहे हैं, वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जिंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. पिछले दो-तीन दिनों के भीतर जम्मू-कश्मीर में बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण 20 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं.
खराब मौसम और रास्तों के धंसने के खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी और शिव खोरी की तीर्थयात्राओं को रोक दिया गया है. जम्मू, उधमपुर और रामबन जैसे बेस कैंपों में हजारों श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर ठहराए गए हैं. अमरनाथ यात्रा को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
भारी बारिश के चलते देहरादून-मसूरी हाईवे का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे इस रूट पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ट्रैफिक रोक दिया है और लोगों को किमाड़ी के वैकल्पिक रास्ते से निकाला जा रहा है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में सोमवार को चार अलग-अलग जगहों पर बादल फटने की खबर है. चंबा के उदीन और थांदल में बादल फटने के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए, जिससे स्थानीय लोगों का काफी नुकसान हुआ है.