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आज का मौसम, 13 जुलाई: मानसून का यू-टर्न! इन राज्यों में मूसलाधार बारिश, जानिए दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

प्रशांत महासागर और बंगाल की खाड़ी में बने नए वेदर सिस्टम के कारण मैदानी इलाकों में झमाझम बरसात का दौर शुरू होने वाला है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी.

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आज का मौसम, 13 जुलाई: मानसून का यू-टर्न! इन राज्यों में मूसलाधार बारिश, जानिए दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट (Image Source- IANS)

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  • दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुस्त पड़ा मानसून फिर से रफ्तार पकड़ेगा
  • दिल्ली, यूपी, बिहार सहित 17 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है
  • पश्चिमी विक्षोभ के कारण 80 से 90 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है
  • उत्तराखंड, हिमाचल में बारिश के बाद हुए भूस्खलन की वजह से 450 से अधिक सड़कें बंद

Aaj Ka Mausam 13 July 2026: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत के लिए राहत की खबर है. अगर आप दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम या फरीदाबाद में रह रहे हैं और उमस भरी गर्मी से परेशान हैं, तो अब मौसम एक बार फिर से करवट लेने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून फिर पूरी तरह एक्टिव हो रहा है. दिल्ली-एनसीआर के इन तमाम शहरों में सोमवार (13 जुलाई 2026) से आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है.

मैदानी इलाकों में जो मानसून सुस्त पड़ गया था, वह अब रफ्तार पकड़ने जा रहा है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में तीन नए वेदर सिस्टम बने हैं, जिनमें से एक सिस्टम बंगाल की खाड़ी तक पहुंच चुका है. इसके असर से हवाओं में नमी काफी बढ़ गई है, जो दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में बारिश की नई झड़ी लगाने के लिए बिल्कुल तैयार है.

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 13 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और झारखंड सहित देश के करीब 17 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इस बार सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि तेज आंधी-तूफान को लेकर भी चेतावनी दी गई है. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की वजह से कई जगहों पर 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

दूसरी तरफ, देश के तटीय और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी हलचल तेज है. बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण महाराष्ट्र और गुजरात में समुद्री किनारों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है. साथ ही असम और मेघालय जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने से वहां भी भारी बारिश के हालात हैं.

अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 से 16 जुलाई के बीच पूरे देश में मानसून का सबसे आक्रामक रूप देखने को मिल सकता है. उत्तर प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश होने के आसार हैं. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले एक हफ्ते तक मौसम सुहावना बना रहेगा और अच्छी बरसात दर्ज की जाएगी. पश्चिम बंगाल और असम में भी आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.

उत्तराखंड और हिमाचल में लैंडस्लाइड 

मैदानी इलाकों में जहां इस बारिश का बेसब्री से इंतजार हो रहा है, वहीं पहाड़ी राज्यों में यह आफत बनकर बरस रही है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मानसून के रौद्र रूप के कारण हालात बिगड़े हुए हैं. उत्तराखंड के ऋषिकेश, विकासनगर और रुद्रप्रयाग जैसे इलाकों में भारी बारिश के बाद लगातार लैंडस्लाइड हो रहा है, जिससे रास्ते बंद हैं और मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.

यही हाल हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, बिलासपुर और मंडी का है, जहां भारी बारिश के चलते जनजीवन ठप हो गया है. इन दोनों राज्यों में करीब 450 से ज्यादा सड़कें बंद होने की वजह से संपर्क टूट गया है. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग और अन्य जिलों में भी सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट है. पहाड़ों पर लगातार गिरते मलबे और हादसों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

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