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देश के कई राज्यों में मानसून अभी भी पूर्ण रूप से सक्रिय है. बादलों से बरस रहा पानी कुछ लोगों को राहत दे रहा है तो वहीं कई जिलों में आफत बनकर बरस रहा है. आइए जानते हैं आपके इलाके में कैसा रहेगा आज का मौसम...
सितंबर का महीना आधा बीतने को है, लेकिन मानसून अपने पूरे तेवर में नजर आ रहा है. अगर आप आज घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं, तो एक बार आसमान का मिजाज जरूर जान लें. मौसम विभाग (IMD) ने देश के करीब 24 राज्यों में तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है. कहीं बादलों की लुकाछिपी है, तो कहीं 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं तबाही मचाने को तैयार हैं. आइए जानते हैं आज आपके इलाके में मौसम का हाल क्या रहेगा.
मौसम विभाग के अनुसार, यूपी और बिहार के कई जिलों में आज झमाझम बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा मंडरा रहा है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिले मेरठ से लेकर पूर्वी क्षेत्र वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और गोरखपुर जैसे इलाकों में 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ ही यहां तेजी बारिश देखने को मिलेगी. वहीं बिहार के सिवान से लेकर मधुबनी, पटना और गया तक में भारी बारिश की संभावना है. मौसम में बदलाव से सड़क पर चलना मुश्किल हो सकता है, ट्रैफिक जाम और जलभराव आम आदमी की परेशानी बढ़ा सकते हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी दिल्ली और नोएडा, गुरुग्राम समेत एनसीआर क्षेत्रों में आज सुबह से हल्के बादल छाये रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना बेहद कम रहेगी. तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के कारण लोगों को चिपचिपाहट भरी उमस का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि दिन की तीसरे पहर में हल्की बारिश हो सकती है. मौसम विभाग का संकेत है कि 11 सितंबर से दिल्ली में एक बार फिर नया दौर शुरू होगा, इसलिए कामकाजी लोगों को हफ़्ते के आखिरी दिनों में संभलकर रहना होगा.
मौसम विभाग के अनुसार, देश के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड से लेकर हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में आज हल्की से भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है. वहीं मध्य प्रदेश के जिले गुना, भोपाल और उज्जैन में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. राजस्थान के कई हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है.
सितंबर के दूसरे हफ्ते तक मानसून की विदाई की चर्चा शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी और उत्तर भारत के ऊपर बन रहे मौसमी सिस्टम ने बारिश के सीजन को खींच दिया है. यह फेरबदल भले ही गर्मी से राहत दे रहा हो, लेकिन शहरी इलाकों में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख देता है. वहीं राज्यों में बाढ़ के आसार हो गये हैं.