भारत
Big Cyclone Alert: भारत में चक्रवात आनेे वाला है और 24 घंटे का अलर्ट जारी किया गया है. बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र तेज़ी से चक्रवातमें बदल रहा है. ओडिशा में आने वाले दिनों में मौसम ख़तरनाक हो सकता है. राज्य सरकार ने सभी ज़िलों को हाई अलर्ट पर रखा है.
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि ओडिशा किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन जनता को भी सतर्क रहने की ज़रूरत है. स्वास्थ्य, जल संसाधन, बिजली और कृषि विभाग 24 घंटे निगरानी में हैं. तटीय इलाकों में राहत केंद्र, निकासी योजना और ज़रूरी सामान की व्यवस्था कर दी गई है.
पुजारी ने बताया कि चक्रवात के 29 अक्टूबर तक तटीय इलाकों से टकराने की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 24 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बना निम्न दबाव का क्षेत्र 25 अक्टूबर की शाम से तेज हो गई हैंऔर 26 अक्टूबर तक निम्न दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा. इसके बाद, यह पश्चिम-मध्य और
यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा. मौसम विज्ञानी मनोरमा मोहंती ने बताया कि 27, 28 और 29 अक्टूबर को ओडिशा के दक्षिणी और तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज़ हवाएँ चलेंगी. हवाएँ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेंगी और ऊँची लहरें उठेंगी. मछुआरों को 26 अक्टूबर से तीन दिनों तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि व्यापक तबाही का खतरा है.
इस बीच, तूतीकोरिन में मछली पकड़ने का काम रोक दिया गया है और तटीय इलाकों के निवासियों को समुद्र तट से दूर रहने को कहा गया है. प्रशासन ने बताया कि सभी नावों को तुरंत किनारे पर लौटने का निर्देश दिया गया है. 27 अक्टूबर को ओडिशा में शुरू हुआ यह चक्रवात अगर और तेज़ हुआ तो अगले तीन दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुँचा सकता है. नागरिकों से घरों के अंदर रहने और मौसम संबंधी सभी अपडेट पर नज़र रखने का आग्रह किया गया है.
भारत में किस प्रकार का चक्रवात आ रहा है और यह कब आएगा?
बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव का क्षेत्र तेज़ी से चक्रवात में बदल रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात 27 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम में एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा. इसके 29 अक्टूबर तक ओडिशा तट से टकराने की संभावना है.
चक्रवात से किन इलाकों पर असर पड़ेगा और क्या हैं खतरे?
ओडिशा के दक्षिणी और तटीय जिलों में 27, 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज़ हवाएँ (40 से 60 किमी प्रति घंटे) चलेंगी. ऊँची लहरें उठेंगी. 26 अक्टूबर से तीन दिनों तक व्यापक तबाही का खतरा है. तूतीकोरिन जैसे इलाकों में मछली पकड़ना भी बंद कर दिया गया है.
3 ओडिशा सरकार ने क्या तैयारियां की हैं?
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि राज्य पूरी तरह तैयार है. सभी ज़िलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. स्वास्थ्य, जल संसाधन, ऊर्जा और कृषि विभागों को 24 घंटे निगरानी में रखा गया है. तटीय इलाकों में राहत केंद्र, निकासी योजनाएँ और ज़रूरी सामान की व्यवस्था कर दी गई है. जनता से सतर्क रहने की अपील की गई है.
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