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पश्चिम विहार स्थित एक्शन बालाजी अस्पताल के बेसेमेंट में कार्बन वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में उतरे दो मजदूरों की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई के दौरान ये हादसा हुआ.
पश्चिम विहार स्थित एक्शन बालाजी अस्पताल के बेसमेंट में कार्बन वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में सफाई के लिए उतरे दो मजदूरों की मौत हो गई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि, बिना सुरक्षा उपकरणों के दोनों मजदूरों बृजेश (26) और विक्रम (30) को टैंक की सफाई के लिए उतार दिया गया, जिसके बाद जहरीली गैस के कराण उनका दम घुट गया और दोनों की जान चली गई. पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है. बताया गया कि विक्रम और बृजेश दोनों ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की थी और ये दोनों अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे.
पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि मंगलवार शाम 6:45 बजे सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची. अस्पताल के बेसमेंट में वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में 4-5 टैंक बने हैं, जिसकी सफाई का जिम्मा एक ठेकेदार को दिया गया है. ठेकेदार टैंक की सफाई के लिए मंगलवार को बृजेश और विक्रम को लेकर आया था. टैंक में पहले बृजेश उतरा और अंदर पहुंचते अचानक बेहोश हो गया. उसे देखने विक्रम टैंक में गया तो वह भी बेहोश हो गया. इसके बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह के काम के लिए वर्क परमिट अनिवार्य है, लेकिन वर्क परमिट जारी नहीं किया गया था. घटना के एक चश्मदीद शत्रुघ्न गौतम ने बताया कि अस्पताल के अंदर पांच लोग सिस्टम पर काम कर रहे थे. बृजेश टैंक के अंदर काम कर रहा था और फिल्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान जब वह कुछ डाल रहा था, तभी वह अचानक बेहोश हो गया. सामने आया कि सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल न करने के कराण दोनों की मौत हुई. गौतम ने यह भी आरोप लगाया कि घटनास्थल पर मौजूद सुपरवाइजर ने विक्रम को गड्ढे में उतरकर बृजेश की स्थिति जानने के लिए मजबूर किया था. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
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