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86 देशों में 10152 भारतीय कैदी... विदेश मंत्रालय ने बताया 3 साल में कितने वापस आए और कितने काट रहे सजा?

Parliamentary Committee: विदेश मंत्रालय ने संसदीय समिति को बताया कि अब तक सजा पा चुके कैदियों के स्थानांतरण पर 31 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं.

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86 देशों में 10152 भारतीय कैदी... विदेश मंत्रालय ने बताया 3 साल में कितने वापस आए और कितने काट रहे सजा?

सांकेतिक चित्र

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विदेश मंत्रालय ने संसदीय समिति को जानकारी दी है कि साल 2023 से फरवरी 2025 के बीच आठ भारतीय कैदियों को विदेशों से भारत में स्थानांतरित किया गया है. समिति ने कहा है कि भारतीय कैदियों को वापस लाने की कम सफलता दर इस सिलसिले में किए गए प्रयासों के मूल्यांकन की मांग करती है. विदेश मंत्रालय के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 86 देशों में कुल 10,152 भारतीय कैदी बंद हैं. इनमें विचाराधीन कैदी भी शामिल हैं.

इनमें सबसे ज्यादा सऊदी अरब और यूएई में सबसे ज्यादा 2,000 भारतीय जेलों में बंद हैं. इनके अलावा चीन, कुवैत, नेपाल और कतर में भी अपराध के चंगुल में काफी भारतीय फंसे हुए हैं. 

एनआरआई, PIO, OCI और प्रवासी श्रमिकों सहित विदेशों में बसे भारतीय समुदाय: उनकी स्थिति एवं कल्याण के सभी पहलुओं सहित आव्रजन विधेयक की वस्तु स्थिति पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट मंगलवार को संसद में पेश की गई. समिति ने अपनी रिपोर्ट में इसी अवधि के दौरान भारत से अपने मूल देशों में ट्रांसफर किए गए विदेशी कैदियों पर डेटा भी साझा किया.

विदेश मंत्रालय ने समिति को सूचित किया है कि अब तक सजा पा चुके कैदियों के स्थानांतरण पर 31 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं. साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2023 में पांच भारतीय कैदियों को विदेशों से भारत स्थानांतरित किया गया, जिनमें से तीन को ईरान से और एक-एक को कंबोडिया और ब्रिटेन से लाया गया. आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ब्रिटेन से दो, जबकि रूस से (13 फरवरी 2025 तक) एक भारतीय कैदी को स्थानांतरित किया गया.

समिति ने इस बात को लेकर निराशा जताई कि पश्चिम एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका महादेशों के कई देशों के साथ संबद्ध विषय पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौतों के बावजूद, पिछले 3 सालों में केवल 8 भारतीय कैदियों को विदेशों से भारत स्थानांतरित किया गया. रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय कैदियों को वापस लाने में सफलता की यह कम दर इस संबंध में किए गए प्रयासों के आकलन की मांग करती है.

(With PTI inputs)
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