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क्या आप जानते हैं कि होर्मुज की तरह ही दुनिया में कई और भी ऐसे चोक पॉइंट्स हैं जहां हमेशा युद्ध और तनाव का माहौल रहता है?
समुद्र सिर्फ घूमने या लहरें देखने के लिए नहीं हैं, बल्कि ये दुनिया की अर्थव्यवस्था की नसें हैं. दुनिया का लगभग 80 फीसदी व्यापार समुद्री रास्तों से ही होता है. लेकिन कुछ रास्ते ऐसे हैं जो भौगोलिक रूप से इतने संकरे हैं या वहां इतनी राजनीति और जंग चलती है कि उन्हें 'चोक पॉइंट्स' कहा जाता है. हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और जंग के हालातों के कारण जब स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने की नौबत आई, तो पूरी दुनिया की सांसें अटक गईं.
इंटरनेशनल मैरीटाइम ब्यूरो (IMB), यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (UNCTAD) की वैश्विक व्यापार रिपोर्टों के आधार पर आपको दुनिया के ऐसे ही 10 सबसे खतरनाक और तनावग्रस्त समुद्री रास्तों के बारे में, जहां जरा सी चिंगारी से पूरी दुनिया में तबाही मच सकती है.
यह इस समय दुनिया का सबसे संवेदनशील रास्ता बन चुका है. ओमान और ईरान के बीच स्थित इस संकरे रास्ते से दुनिया का एक-तिहाई कच्चा तेल गुजरता है. अमेरिका और ईरान के बीच चलने वाली पुरानी दुश्मनी जब भी जंग का रूप लेती है, ईरान इस रास्ते को बंद करने की धमकी देता है या जहाजों को सीज कर लेता है. इसके बंद होने का मतलब है पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और हाहाकार.
यमन और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के बीच स्थित यह रास्ता लाल सागर को अरब सागर से जोड़ता है. यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर किए जाने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण यह मार्ग एक परमानेंट वॉर जोन बन चुका है.
मिस्र में स्थित यह मानव निर्मित नहर एशिया को यूरोप से जोड़ती है. बाब-अल-मंडेब का तनाव सीधे स्वेज नहर को प्रभावित करता है. अगर यह रास्ता बंद हो जाए, तो जहाजों को पूरा अफ्रीका घूमकर जाना पड़ता है, जिससे सामान महीनों लेट और बेहद महंगा हो जाता है.
हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला यह रास्ता मलेशिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर के बीच है. चीन का 80 फीसदी तेल आयात इसी रास्ते से होता है. इसे चीन की 'कमजोरी' भी कहा जाता है, क्योंकि युद्ध की स्थिति में अमेरिका या उसके साथी देश इस रास्ते को ब्लॉक कर चीन की कमर तोड़ सकते हैं.
यह कोई संकरा रास्ता नहीं बल्कि पूरा समंदर ही एक टाइम बम है. चीन इस पूरे इलाके पर अपना दावा ठोकता है, जबकि अमेरिका, ताइवान, फिलीपींस और वियतनाम इसके खिलाफ हैं. यहां अमेरिकी और चीनी नौसेना के जहाज अक्सर आमने-सामने आ जाते हैं, जिससे हमेशा युद्ध का खतरा बना रहता है.
चीन और ताइवान को अलग करने वाला यह समुद्री हिस्सा बेहद अशांत है. चीन जब भी ताइवान पर हमले की धमकी देता है, इस रास्ते पर सैन्य हलचल बढ़ जाती है. अमेरिका अपने युद्धपोत यहां तैनात रखता है, जिससे यह इलाका महाशक्तियों के टकराव का केंद्र बना हुआ है.
तुर्की में स्थित ये रास्ते काले सागर को भूमध्य सागर से जोड़ते हैं. रूस और यूक्रेन की जंग के बाद से यह इलाका बेहद खतरनाक हो गया है. रूस के अनाज और तेल के जहाजों को रोकने या उन पर नजर रखने के लिए यहां हमेशा तनाव रहता है.
अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली यह नहर वैसे तो जंग के कारण नहीं, बल्कि कुदरत की मार (सूखे और पानी की कमी) के कारण खतरनाक बन रही है. इसके अलावा, इस पर नियंत्रण को लेकर भी अमेरिका और लैटिन अमेरिकी राजनीति में हमेशा खींचतान रहती है.
सोमालिया के करीब स्थित यह इलाका समुद्री डाकुओं के लिए कुख्यात है. हालांकि अब यहां अंतरराष्ट्रीय सेनाएं गश्त करती हैं, लेकिन हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमलों और डाकुओं के डर से यह आज भी व्यापारिक जहाजों के लिए किसी डरावने सपने जैसा है.
यह भी सोमालिया के तट के पास हिंद महासागर का एक हिस्सा है. रूट छोटा करने के चक्कर में कई जहाज यहां से गुजरते हैं, लेकिन गृहयुद्ध से जूझ रहे देशों के पास होने और समुद्री डकैती के बढ़ते मामलों के कारण इसे दुनिया के सबसे असुरक्षित रास्तों में गिना जाता है.
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