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IMD Explainer: भारत में मौसम में चरम बदलाव (Extreme Weather Switch) के कारण एक तरफ जहां दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी के बीच अचानक आंधी, तूफान और भारी बारिश का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, केरल में मॉनसून की वजह से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं.
Extreme Weather Switch: एक समय था जब भारत के लगभग हर हिस्से में मौसम का पैटर्न लगभग तय था. सर्दी, गर्मी और बरसात का समय लोगों को पहले से पता था. आम आदमी से लेकर सरकार तक इसी को ध्यान में रखकर तैयारियां करते थे. लेकिन, अब ऐसा नहीं है. दिल्ली से लेकर केरल तक मौसम में अचानक बदलाव होने लगे हैं. तेज गर्मी और लू (heat wave) वाले हालात से अचानक भारी बारिश, आंधी-तूफान वाला मौसम बन जा रहा है. यह बदलाव भारत के कुछ हिस्सों, खासकर उत्तर-पश्चिम और दक्षिण में देखा जा रहा है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि इस बदलाव की वजह क्या है, तो ये लेख आपके लिए है.
इस समय भारत में मौसम के दो चरम रूप (Extreme Weather Switch) देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ जहां दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी के बीच अचानक ओलावृष्टि और तेज आंधी आई. वहीं, दूसरी तरफ केरल में मॉनसून की वजह से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस वेदर डिवाइड यानी कि मौसम के विभाजन के पीछे कुछ खास कारण हैं.
दिल्ली और केरल के मौसम में यह अंतर देश पर एक साथ असर डाल रहे दो अलग-अलग मौसम प्रणालियों (meteorological systems) की वजह से है. उत्तर-पश्चिम में 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' और दक्षिण में आगे बढ़ रहा 'दक्षिण-पश्चिम मानसून' इसके लिए जिम्मेदार है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर शुरू कर दिया है जिससे भीषण गर्मी की जगह मौसम ठंडा हो गया है. इस सिस्टम की वजह से दिल्ली में अधिकतम तापमान में 4–6°C की भारी गिरावट आई है. पूरे दिल्ली एनसीआर में तेज हवाओं (60–70 किमी/घंटा), आंधी-तूफान और बिजली कड़कने जैसी स्थितियां बनी हुई हैं. इससे पहले पड़ रही 40–46°C की गर्मी और लू से राहत मिली है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे शहरों में अचानक तेज रफ्तार से आंधी चलने लगती है और बारिश होने लगती है. मौसम विभाग को इसके कारण कई बार येलो अलर्ट जारी करना पड़ा है.
केरल में आई इस भीषण आफत की मुख्य वजह दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का लगातार आगे बढ़ना है. बंगाल की खाड़ी और कर्नाटक के ऊपर बने कई साइक्लोन सर्कुलेशन के कारण केरल में मॉनसूनी हवाएं और ज्यादा मजबूत हो गई हैं, जिससे अत्यधिक भारी बारिश हो रही है. इस वजह से मौसम विभाग ने एर्नाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. केरल के कई जिलों में येलो अलर्ट है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब भीषण गर्मी या लू वाले मौसम में भी हालात बहुत कम समय में अचानक भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी-तूफान में बदल जाते हैं, तो इसे 'मौसम का चरम बदलाव' कहा जाता है. जलवायु परिवर्तन के इस दौर में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच मौसम का यह बड़ा अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. मौसम से जुड़ी ऐसी चरम घटनाएं अक्सर कम समय के लिए होती हैं. लेकिन कम समय में ही अचानक हीटवेव, कड़ाके की ठंड, भारी बारिश, बवंडर (टोरनेडो), ट्रॉपिकल साइक्लोन और बाढ़ जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं.