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चीन ने बढ़ा दी भारत की टेंशन, अपने सबसे उन्नत लड़ाकू विमान को LAC पर तैनात किया, जानिए J-20 की खासियत

Chengdu J-20: चीन अब उन इलाकों में अपने सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट चेंगदू J-20 माइटी ड्रैगन को तैनात कर रहा है जहां भारत के साथ टकराव की संभावना है. चीन की वेस्टर्न थिएटर कमांड में J-20 की मौजूदगी भारत के चिंता की बात है.

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चीन ने बढ़ा दी भारत की टेंशन, अपने सबसे उन्नत लड़ाकू विमान को LAC पर तैनात किया, जानिए J-20 की खासियत

चीन ने चेंगदू J-20 लड़ाकू विमान को LAC पर तैनात किया. (AI इमेज)

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China Chengdu J-20 stealth fighter: चीन अब भारत को एक बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखने लगा है. चीन शायद ये भी मानने लगा है कि भविष्य में भारत के साथ उसका युद्ध हो सकता है. ये संकेत चीन द्वारा हाल ही में भारत से लगती सीमा के पास अपने सबसे उन्नत चेंगदू J-20 माइटी ड्रैगन हाई-लेवल स्टील्थ फाइटर को तैनात करने से मिले हैं. इससे पहले इस खास लड़ाकू विमान को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) की  कुछ चुनिंदा यूनिट्स को ही दिया गया था.

क्या है J-20 की नई तैनाती पर अपडेट?

रक्षा मामलों के पोर्टल डिफेंस डॉट इन की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन में अब J-20 स्टेल्थ फाइटर कम से कम आठ कॉम्बैट ब्रिगेड में एक्टिव है. ये लड़ाकू विमान अब  PLAAF के लगभग हर रीजनल कमांड में मौजूद है. इसमें कोरला में 111वीं ब्रिगेड और दाजू में 97वीं ब्रिगेड भी शामिल हैं जो चीन के वेस्टर्न थिएटर कमांड के तहत काम करती हैं. चीन की वेस्टर्न थिएटर कमांड ही भारत के साथ लगी सीमा की निगरानी करती है. 

भारत से लगती सीमा के पास जे-20 तैनात करने से ये संकेत मिलते हैं कि चीन अब उन इलाकों में अपने सबसे एडवांस्ड फाइटर्स को तैनात कर रहा है जहां भारत के साथ टकराव की संभावना है. चीनी एविएशन ब्रिगेड के स्टैंडर्ड साइज के आधार पर इसमें 24 से 36 फाइटर जेट होते हैं. इस हिसाब से देखें तो भारत की सीमा के पास कम से कम 50 से 60 पांचवीं पीढ़ी के  जे-20 जेट तैनात हैं. 

ओपन-सोर्स डेटा के आधार पर रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन जे-20 का प्रोडक्शन काफी तेजी से कर रहा है और इस साल के अंत तक इसके पास जे-20 की कम से कम 350 से 400 यूनिट्स होंगी. चीन हर साल लगभग 100 नए जे-20 एयरक्राफ्ट बना रहा है. चीन ने अब जे-20 अपना अग्रिम पंक्ति का लड़ाकू विमान बना दिया है. 

चीन की वेस्टर्न थिएटर कमांड में J-20 की मौजूदगी भारत के चिंता की बात है. ये जेट तिब्बत के ऊंचे इलाके में स्थित शिगात्से एयर बेस पर तैनात हैं जो सिक्किम में LAC से 150 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है. एक तो J-20 स्टेल्थ फाइटर है, दूसरे यह वास्तविक नियंत्रण रेखा से इतनी कम दूरी पर तैनात है कि किसी युद्ध या झड़प की स्थिति में प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय बचता है. 

चीन के अब J-20 स्टेल्थ फाइटर का ताकत और खासियत

चीन का J-20 'माइटी ड्रैगन' एक 5वीं पीढ़ी का ट्विन-इंजन, ऑल-वेदर स्टेल्थ फाइटर जेट है. यह दुनिया का ऐसा तीसरा स्टेल्थ फाइटर है जो री तरह से ऑपरेशनल है. यह लंबे समय तक रूसी या कामचलाऊ चीनी इंजनों पर निर्भर था लेकिन, अब इसे चीन में ही बना  WS-15 इंजन मिल गया है जो बेहद ताकतवर है. J-20 अब बिना 'आफ्टरबर्नर' के भी Mach 1.3 से Mach 1.5 की गति से उड़ान भर सकता है.

स्टेल्थ तकनीक से लैस होने के कारण यह दुश्मन की नजर में नहीं आता. विमान पर खास 'रेडिएशन-एब्जॉर्बिंग मटीरियल' कोटिंग के कारण यह रडार पर एक छोटी चिड़िया जैसा दिखता है. इसके सारे हथियार इंटरनल वेपन्स बे में छिपाए गए हैं. यह हवा में तेजी से पैंतरेबाजी भी कर सकता है. J-20 लंबी दूरी की हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलें PL-15 और PL-21 से लैस है. बेहद नजदीक की लड़ाई के लिए इसमें शॉर्ट-रेंज PL-10 मिसाइलें लगी हैं. चीन ने इस विमान का एक ट्विन-सीटर वेरिएंट भी बनाया है. इसमें पीछे बैठा पायलट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ड्रोन्स को नियंत्रित कर सकता है. इन खासियतों के कारण जे-20 एक बेहद ही खास और ताकतवर लड़ाकू विमान बन जाता है.

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