भारत
विनोद तावड़े के सामने यूपी में सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग करना बड़ी परीक्षा होगी. यूपी में अपना दल (एस), आरएलडी, निषाद पार्टी और सुभासपा बीजेपी के सहयोगी हैं.
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव से पहले तीन राज्यों के प्रभारियों की लिस्ट जारी कर दी है. विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी, जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी, सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुघ को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है. बीजेपी की राष्ट्रीय टीम के ऐलान के अगले ही दिन यानी मंगलवार (18 अगस्त) को इसका ऐलान कर दिया गया.
कौन हैं विनोद तावड़े?
विनोद तावड़े भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, जो अभी महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं. वह पहले भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. तावड़े 2022 से बिहार में विधानसभा चुनाव तक बीजेपी के प्रभारी थे. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हीं के प्रभारी रहते एनडीए ने शानदार प्रदर्शन किया और उसके बाद अगले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी-जेडीयू की प्रचंड जीत हुई और अब वहां बीजेपी का ही मुख्यमंत्री है. खास बात ये है कि 2020 में बीजेपी 74 सीटों पर जीती थी, जोकि 2025 में बढ़कर 89 हो गईं और ये बीजेपी का अब तक सबसे शानदार प्रदर्शन साबित हुआ.
राष्ट्रपति चुनाव में तावड़े को बनाया गया था NDA का प्रभारी
2022 के राष्ट्रपति चुनाव में विनोद तावड़े को ही एनडीए का प्रभारी बनाया गया था. उन्होंने ही अलग-अलग राज्यों में जाकर एनडीए के सहयोगी दलों और समर्थन करने वाले दलों के बीच तालमेल बैठाया था. हालांकि उनके साथ राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा को भी दलों से बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके अलावा उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन के लिए भी तावड़े को ऐसी ही जिम्मेदारी दी गई थी. तावड़े महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं
कौन हैं जगदीश पटेल, जो बने सह-प्रभारी?
बीजेपी ने यूपी में जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया है. वह गुजरात के नेता हैं और 2019 में अमराईवाड़ी सीट से विधायक बने. वो अहमदाबाद शहर बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं. नितिन नवीन ने उन्हें अपनी टीम में राष्ट्रीय सचिव के तौर पर शामिल किया है.
विनोद तावड़े के सामने होंगी ये चुनौतियां!
बीजेपी की ओर से विनोद तावड़े को अब यूपी की बड़ी जिम्मेदारी मिली है. इससे पहले वह हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों के भी प्रभारी रह चुके हैं. उनके लिए ये कठिन परीक्षा होगी क्योंकि यूपी में अनुप्रिया पटेल का अपना दल (एस), संजय निषाद की निषाद पार्टी, ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा और जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोकदल के साथ समन्वय स्थापित करना होगा. इस समय आरएलडी के 9, अपना दल (एस) के 13, राजभर की सुभासपा के 7, संजय निषाद के 11 विधायक हैं. इन सभी दलों को अपने-अपने समाज और क्षेत्र में काफी प्रभाव है, ऐसे में इनके साथ बिना किसी विवाद के सीट शेयरिंग को अंजाम देना बड़ी चुनौती होगी.
सतीश पूनिया को मिली पंजाब की जिम्मेदारी
सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है. वह फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं. पूनिया राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. लोकसभा चुनाव में उन्हें हरियाणा की जिम्मेदारी दी गई थी. जब हरियाणा में बीजेपी लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव में जीती, उस समय वही राज्य के प्रभारी थे. पंजाब में यूपी के साथ ही विधानसभा की 117 सीटों पर चुनाव होने हैं, जहां ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस बार बीजेपी अकाली दल के साथ गठबंधन करके चुनाव में उतर सकती है.
तरुण चुघ को गुजरात का जिम्मा
तरुण चुघ बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और कार्यालय प्रभारी हैं. पंजाब के अमृतसर से आने वाले चुघ लंबे समय से संगठन में एक्टिव हैं. वह तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर के प्रभारी रह चुके हैं. गुजरात में फिलहाल बीजेपी की सरकार है. यहां अगले साल दिसंबर तक विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं.
ये भी पढ़ें- राजस्थान की एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर वसुंधरा राजे को नितिन नवीन की टीम में भी जगह, क्या हैं मायने?