सेहत
वैज्ञानिकों नें क्रॉनिक वेस्टिंग डिजीज (सीडब्ल्यूडी) यानी ज़ोंबी डियर डिजीज के फैलने के बारे में लोगों को आगाह किया है, यहां जानिए क्या है ये बीमारी..
डीएनए हिंदीः पिछले कुछ सालों से लोगों को कई तरह की गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. हाल ही में चीन में फैले रहस्यमयी निमोनिया से कोरोना के नए सब-वैरिंयट JN-1 तक, लगातार सामने आ रही अलग-अलग बीमारियों नें लोगों की चिंता बढ़ दी है. इस बीच वैज्ञानिकों ने एक और बीमारी ज़ोंबी डियर डिजीज के फैलने के बारे में लोगों को आगाह किया है. बता दें कि इसे क्रॉनिक वेस्टिंग डिजीज (सीडब्ल्यूडी) (Chronic Wasting Disease) भी कहा जाता है, जो एक प्रियन बीमारी (Zombie Deer Disease) है. यह हिरण, एल्क, रेनडियर, सिका हिरण और मूस को प्रभावित करती है. बता दें कि पिछले महीने येलोस्टोन नेशनल पार्क में क्रोनिक वेस्टिंग डिजीज (सीडब्ल्यूडी) यानी ‘जॉम्बी बीमारी ‘ के पहले मामले का पता चला, ऐसे में इसे लेकर चिंता बढ़ गई है. आइए जानते हैं इसके बारे में...
जानें क्या है ज़ोंबी डियर डिजीज
बता दें कि यह एक प्रकार की ऐसी बीमारी है, जो जानवरों के संक्रमित होने पर धीरे-धीरे इंसानों को भी नुकसान पहुंचा सकती है और यूएस मे इस संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. बता दें कि यूएस में इस बीमारी के 800 सैंपल लिए गए हैं और यह सैंपल हिरण और मूस आदि से लिए गए हैं. वैज्ञानिकों को आशंका है कि धीरे-धीरे ये बीमारी इंसानों में फैलकर बड़ा खतरा बन सकती है. आमतौर पर दक्षिण अमेरिका, कनाडा, साउथ कोरिया, नॉर्वे के अलावा यूएस में इस बीमारी के होने की आशंका है.
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इस बीमारी में दिख सकते हैं ये लक्षण
बता दें कि किसी संक्रमित जानवर में इसके लक्षण विकसित होने में एक साल से अधिक का समय लग सकता है, जिसमें बहुत ज्यादा लार निकलना, उसका संतुलन खोना और सामान्य व्यवहार करना, बहुत अधिक पेशाब करना, वजन घटना, लड़खड़ाना, उदासीनता और अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण शामिल हैं.
इसके अलावा प्रियन रोगों के कुछ सामान्य लक्षणों में डिमेंशिया, मतिभ्रम, चलने और बोलने में कठिनाई, भ्रम, थकान और मांसपेशियों में अकड़न की समस्या हो सकती है.
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मनुष्यों में फैलने की आशंका
वैज्ञानिक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं ये घातक मस्तिष्क रोग मनुष्यों में न फैल जाए. बता दें कि येलोस्टोन नेशनल पार्क, व्योमिंग में पाए गए एक हिरण के शव में पिछले महीने प्रियन बीमारी को लेकर सकारात्मक परीक्षण किया गया था.
(Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.)
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