सेहत
क्या आपकी आंखों में धुंधलापन, थकान और कमजोरी बढ़ रही है और स्ट्रेस भी है तो समझ लें आपके शरीर में जिंक की कमी हो रही है. जिंक शरीर में क्यों जरूरी है और इसकी कमी से क्या संकेत और नजर आते हैं, चलिए जानें.
विटामिन और खनिजों की अपर्याप्त मात्रा शरीर के विभिन्न कार्यों को बाधित कर सकती है. हालांकि, जिंक जैसे आवश्यक खनिजों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. किसी भी आवश्यक पोषक तत्व की कमी के लक्षण स्पष्ट होते हैं. यदि आपको जिंक की कमी है, तो आपको अपनी आंखों में कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
यदि आपके शरीर में जिंक की कमी है, तो इसके कुछ लक्षण आपकी आंखों में दिखाई दे सकते हैं. जिंक एक आवश्यक खनिज है जो मानव विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. यह प्रोटीन, वसा और डीएनए के चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जिंक घाव भरने में भी सहायक है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है.
अच्छी आंखों की सेहत के लिए जिंक भी महत्वपूर्ण है. हमारी आंखें जिंक से भरपूर ऊतकों से भरी होती हैं, विशेष रूप से रेटिना, रेटिनल पिगमेंट एपिथेलियम (आरपीई) और कोरॉइड, जिन्हें रक्त से पोषक तत्व प्राप्त होते हैं.
टेलर एंड फ्रांसिस में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिंक की कमी से आंख की संरचना और कार्यप्रणाली में बदलाव आ सकता है. इन बदलावों से दृष्टि हानि हो सकती है और प्रकाश के प्रति रेटिना की प्रतिक्रिया में भी परिवर्तन आ सकता है.
जिंक की कमी से आंखों पर क्या असर होता है?
रात्रि अंधापन - निक्टालोपिया - मंद प्रकाश या अंधेरे में देखने में कठिनाई, विटामिन ए की कमी के कारण हो सकता है.
धुंधली दृष्टि: जिंक की कमी से सामान्य धुंधली दृष्टि और भेंगापन हो सकता है.
प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता - फोटोफोबिया: प्रकाश के कारण होने वाली बेचैनी या दर्द जिंक की कमी का संकेत हो सकता है.
दृष्टि संबंधी समस्याएं: जिंक की कमी से कम रोशनी वाले क्षेत्रों में दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, क्योंकि रेटिना अपने सामान्य कार्य और क्षति से सुरक्षा के लिए जिंक पर बहुत अधिक निर्भर करता है.
जिंक की कमी से शरीर में और कौन सी दिक्कतें होती हैं
• इम्यून सिस्टम कमजोर होना – बार-बार सर्दी, खांसी, संक्रमण होना
• घाव भरने में देर – चोट या जख्म जल्दी ठीक नहीं होते
• बाल झड़ना – बाल पतले होना और तेजी से टूटना
• स्किन प्रॉब्लम्स – मुंहासे, रैशेज, ड्राय स्किन
• स्वाद और गंध में कमी – खाने का स्वाद कम लगना
• भूख न लगना – वजन कम होने लगता है
• थकान और कमजोरी – बिना कारण शरीर सुस्त रहना
• हार्मोनल असंतुलन – पीरियड्स अनियमित, टेस्टोस्टेरोन कम होना
• याददाश्त और फोकस में कमी – ध्यान लगाने में परेशानी
• बार-बार दस्त – खासकर बच्चों में
• नाखून कमजोर होना – सफेद धब्बे दिखना
• डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन – मूड स्विंग्स बढ़ना
ध्यान रखें: लंबे समय तक जिंक की कमी रहने पर बच्चों में ग्रोथ रुक सकती है और बड़ों में प्रजनन क्षमता पर असर पड़ सकता है.
जिंक से भरपूर आहार: कद्दू के बीज, चना, दालें, नट्स, दूध, अंडा, साबुत अनाज जिंक के नेचुरल सोर्स हैं .
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और रिसर्च पर आधारित है. डीएनए इसकी पुष्टी नहीं करता है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.
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