सेहत
दक्षिण भारत के इस राज्य में जीका वायरस का एक संदिग्ध मामला दर्ज किया गया है, इस नए केस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. आइए जानते हैं कैसे फैलता है जीका वायरस और इससे कैसे किया जा सकता है बचाव...
इन दिनों देश-विदेश में मंकीपॉक्स, बर्ड फ्लू, मारबर्ग जैसे कई गंभीर वायरस और इंफेक्शन का खतरा मंडरा रहा है. अब भारत में एक बार फिर जीका वायरस (Zika Virus) ने दस्तक दे दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्य आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के नेल्लोर जिले में जीका वायरस का एक संदिग्ध मामला दर्ज किया गया है, इस नए केस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. आइए जानते हैं क्या है मामला (Andhra Pradesh Health News) और कैसे फैलता है जीका वायरस...
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मर्रिपाडु (Marripadu) मंडल के वेंकटपुरम (Venkatapuram) गांव के एक 6 साल के बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर नेल्लोर के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया. इलाज के दौरान जब बच्चे को कई दिन तक आराम नहीं हुआ तो डॉक्टर्स ने लक्षणों के आधार पर सैंपल जांच के लिए भेज दिया..
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क्योंकि डॉक्टर को बच्चे का जीका वायरस से संक्रमण होने का शक हुआ था. ऐसे में जांच के लिए बच्चे के ब्लड सैंपल को पुणे की लेबोरेटरी में भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. बच्चे का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जा रहा है...
कैसे फैलता है जीका वायरस?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक जीका वायरस, एडीज़ प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है और ये मच्छर ज़्यादातर दिन के समय सक्रिय रहते हैं. बता दें कि ऐसी स्थिति में मच्छर रक्त पीने के दौरान संक्रमित व्यक्ति से वायरस ले लेता है और जब वह किसी और को काटता है, तो वायरस उस व्यक्ति में भी पहुंच जाता है.
इसके अलावा यह जीका वायरस यौन संपर्क के जरिए, रक्त आधान के जरिए, अंग प्रत्यारोपण के जरिए फैल सकता है. वहीं गर्भवती महिलाएं अपने अजन्मे बच्चे को भी यह वायरस दे सकती हैं. बता दें कि मच्छरों के काटने के बाद 3 से 12 दिनों के बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं.
क्या दिखते हैं इसके लक्षण?
कैसे करें इससे बचाव?
इसके लिए खुद को मच्छरों से बचना सबसे ज्यादा जरूरी है, इसके लिए लंबी आस्तीन वाली शर्ट, लंबी पैंट, मोज़े, और टोपी पहनें और एयर कंडीशनिंग वाले कमरे में या स्क्रीन वाली खिड़कियों वाले कमरे में सोएं. अगर आप बाहर सो रहे हैं, तो मच्छरदानी लगाएं. आस-पास सेप्टिक टैंक है, तो दरारें या गैप की मरम्मत करें. मच्छरों को घर में आने से रोकें. किसी ऐसे इलाके में न जाएं जहां इसका खतरा हो...
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
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