सेहत
World Thyroid Day 2025: दुनिया भर में हर साल 25 मई को वर्ल्ड थायराइड डे (World Thyroid Day 2025) मनाया जाता है, जिसका मकसद लोगों को थायराइड के प्रति जागरूक करना है. आइए जानें ये बीमारी क्यों होती है, इसके कारण और लक्षण क्या हैं..
दुनिया भर में हर साल 25 मई को वर्ल्ड थायराइड डे (World Thyroid Day 2025) मनाया जाता है, जिसका मकसद लोगों को थायराइड के प्रति जागरूक करना है. बता दें कि थायराइड ग्लैंड के सही तरीके से काम ना कर पाने की वजह से ये समस्या होती है. थायराइड आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन (Thyroid) चुकी है.
ऐसे में आइए जानते हैं थायराइड की बीमारी क्यों होती है, इसके कारण और लक्षण क्या हैं. साथ ही जानेंगे T3, T4, TSH लेवल कितना होना चाहिए, ताकि आप समय रहते इस बीमारी की पहचान (Thyroid Test) कर सकें...
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक थायराइड, तितली के आकार की ग्रंथि है जो गले में स्थित होती है और यह ग्रंथि थायराइड हार्मोन का उत्पादन करती है, जो शरीर में मेटाबॉलज्म को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा थायराइड हार्मोन शरीर में कई जरूरी कार्य भी करता है. ऐसे में जब थायराइड ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती है तो इस स्थिति में थायराइड से संबंधित रोग होता है.
इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, इनमें आनुवंशिकता, आयोडीन की कमी, ऑटोइम्यून रोग, हार्मोनल असंतुलन, जीवनशैली और खानपान में गड़बड़ी आदि शामिल है. इसलिए इन चीजों पर सबसे पहले ध्यान देना चाहिए.
थायराइड ग्रंथि में कौन सी समस्याएं होती हैं?
हाइपरथायरायडिज्म- इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि बहुत अधिक हार्मोन बनाती है, जिसमें वजन कम, बेचैनी, घबराहट, दिल की धड़कन का बढ़ने, पसीना आना, थकान, मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण नजर आते हैं.
हाइपोथायरायडिज्म- इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि बहुत कम हार्मोन बनाती है, जिसमें वजन बढ़ने, थकान, कब्ज, बालों का पतला होना, ठंड लगने का एहसास, अवसाद जैसे लक्षण नजर आते हैं.
इसके अलावा थायराइड नोड्यूल, जिसमें ग्रंथि में असामान्य रूप से गांठें विकसित होने लगती हैं और थायराइड कैंसर की समस्या हो सकती है. कैंसर की स्थिति में ग्रंथि में कैंसर वाली कोशिकाओं का विकास होता है.
T3 ( हार्मोन, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है)
का स्तर ज्यादा होता है तो हाइपरथायरायडिज्म और T3 का स्तर कम होता है तो व्यक्ति में हाइपोथायरायडिज्म की संभावना बढ़ जाती है. T3 का स्तर 0.87–1.78 ng/mL (नैनोग्राम प्रति डेसिलीटर) है तो आपको थायराइड रोग नहीं है. इससे कम या ज्यादा होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें.
T4 (थायराइड ग्रंथि द्वारा सबसे ज्यादा बनाया जाने वाला हार्मोन.)
का स्तर 0.8–1.8 ng/dL है, तो इसका मतलब है कि आपको थायराइड रोग नहीं है. अगर T4 का स्तर इससे कम या ज्यादा है तो डॉक्टर से जरूर मिलें.
TSH (यह थायराइड को T3 और T4 को बनाने का संकेत देता है)
का कम स्तर हाइपोथायरायडिज्म और TSH का ज्यादा स्तर हाइपरथायरायडिज्म की संभावना को बढ़ाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसका सामान्य रेंज 0.38–5.33 uIU/mL (माइक्रो इंटरनेशनल यूनिट प्रति लीटर) है.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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