सेहत
Health Risks of Poor Sleep: वर्ल्ड स्लीप डे लोगों को नींद के महत्व को समझाने के लिए मनाया जाता है. नींद की कमी सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक होती है. अगर नींद पूरी नहीं होती है तो इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
Less Sleep Effects: हर साल 14 मार्च को विश्व नींद दिवस यानी वर्ल्ड स्लीप डे मनाया जाता है. नींद का महत्व समझाने के लिए यह दिन मनाया जाता है. भारत में अधिकांश लोग नींद की कमी से जूझ रहे हैं. लोकल सर्किल्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 59 प्रतिशत लोग दिनभर में 6 घंटे तक की नींद ले रहे हैं. हालांकि अच्छी सेहत के लिए शरीर को 7-8 घंटे की नींद सही होती है. नींद की कमी (Less Sleep) से परेशान लोग सप्ताहांत में नींद पूरी की कोशिश करते हैं लेकि नहीं कर पाते हैं. कई लोग बढ़ती उम्र, अनियमित नींद का पैटर्न, धीमा मेटाबॉलिज्म और स्क्रीन टाइम की वजह से नींद पूरी नहीं कर पाते हैं. कम नींद के कारण सेहत को कई नुकसान (Poor Sleep Health Risks) हो सकते हैं. चलिए इनके बारे में बताते हैं.
अगर लगातार कम नींद लेते हैं तो इससे हार्ट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. नींद की कमी के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और स्ट्रोक हार्ट अटैक का खतरा रहता है.
रात को जागने से वजन बढ़ने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है. जो लोग 5 घंटे या इससे कम सोते हैं उन लोगों में मोटापे का खतरा अधिक होता है.
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नींद पूरी न होने से इंसुलिन सेंसिटिविटी पर असर पड़ता है. इसके कारण टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है. इसलिए डायबिटीज से बचे रहने के लिए 7-8 घंटे की नींद पूरी करें.
नींद की कमी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. इसके कारण स्मरण शक्ति कम होती है. नींद की कमी के कारण याददाश्त भी कमजोर होती है.
नींद की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. इससे बीमारियों का खतरा बढ़ता है. इसलिए आपको अच्छी सेहत के लिए नींद पूरी करनी चाहिए.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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