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World Arthritis Day 2024: क्यों होता है गठिया रोग? जानें क्या हैं इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय 

Arthritis की समस्या कुछ समय पहले तक यह समस्या आमतौर पर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन आजकल की खराब जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों की वजह से यह बीमारी युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है. आइए जानते हैं क्या हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय..

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World Arthritis Day 2024: क्यों होता है गठिया रोग? जानें क्या हैं इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय 

World Arthritis Day 2024

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आर्थराइटिस (Arthritis) यानी गठिया रोग जोड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है और लाखों लोग इस बीमारी की चपेट में हैं. बावजूद इसके अधिकतर लोग इसके लक्षण और उपचार के बारे में नहीं जानते हैं. इसलिए हर साल 12 अक्टूबर को अर्थराइटिस और इससे संबंधित परेशानियों के प्रति लोगों के बीच जागरूकता लाने के लिए विश्व अर्थराइटिस दिवस (World Arthritis Day 2024) मनाया जाता है. 

बता दें कि कुछ समय पहले तक यह समस्या आमतौर पर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन आजकल की खराब जीवनशैली और (Arthritis Causes) खानपान की गलत आदतों की वजह से यह बीमारी युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है. ऐसे में आइए जानते हैं इसके (Arthritis Symptoms) लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.  

Arthritis क्या है? 
आर्थराइटिस शरीर के जोड़ को प्रभावित करने वाली गंभीर बीमारी है और जोड़ शरीर का वो प्वाइंट होता है, जहां पर दो हड्डियां जुड़ती हैं. इस बीमारी के कारण लोगों जोड़ों में भयंकर दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है. बता दें कि आर्थराइटिस के 100 से अधिक प्रकार होते हैं और इनमें ऑस्टियो आर्थराइटिस (Osteoarthritis) और रूमेटोइड अर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis) सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं. 

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अर्थराइटिस के लक्षण क्या हैं? 
इस बीमारी में मरीज को जोड़ों में दर्द और सूजन, सुबह के समय जोड़ का कड़ापन, लचीलेपन की कमी और जोड़ों में लालिमा के साथ गर्मी महसूस होने जैसे लक्षण नजर आते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत किसी डाॅक्टर से सलाह लेनी चाहिए. क्योंकि समय रहते इस समस्या को समझने और सही इलाज कर से इसे बढ़ने से रोकने रोका जा सकता है.

किन लोगों में होता है अधिक खतरा? 
इस बिमारी के होने के कई कारण हो सकते हैं, इनमें आनुवंशिकता, अधिक उम्र, मोटापा, खराब खानपान और जीवनशैली आदि शामिल हैं. ऐसी स्थिति में अगर आप इन रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखते हुए अपने वजन को कंट्रोल रखते हैं और खानपान व जीवनशैली में सुधार करते हैं तो काफी हद तक इस समस्या से बचे रहेंगे.  

कैसे करें बचाव? 
इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप वजन को नियंत्रण में रखें और हल्के व्यायाम जैसे योग, तैराकी और वॉकिंग जरूर करें. इसके अलावा डाइट में  कैल्शियम, विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजों को शामिल करें. साथ ही बैठने, खड़े होने और चलने के समय सही पोस्चर का ध्यान रखें और बहुत ठंडी या गर्म जगहों पर जोड़ को सुरक्षित रखें. 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें.)  

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