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Stress Disorder: इस रोग में लोग अपने ही बाल को जड़ से उखाड़ कर खाने लगते हैं? तनाव का होता है ये अंतिम स्टेज

क्या आपको पता है कि एक बीमारी ऐसी है जिसमें मरीज अपने ही बाल को नोच-नोचकर खाने लगता है. इस बीमारी का कारण क्या है और ये क्यों होती है, चलिए जानें.

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Stress Disorder: इस रोग में लोग अपने ही बाल को जड़ से उखाड़ कर खाने लगते हैं? तनाव का होता है ये अंतिम स्टेज

बाल नोचकर इस बीमारी में खाने लगते हैं लोग

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ट्रिकोटिलोमेनिया विकार को बाल खींचने संबंधी विकार के नाम से भी जाना जाता है. आइये जानें कि इस समस्या का कारण क्या है और इसके लक्षण क्या हैं.दुनिया भर में कई तंत्रिका संबंधी विकार हैं, लेकिन बहुत से लोग इनके बारे में पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं. उनमें से एक विकार है ट्रिकोटिलोमेनिया.

इसमें व्यक्ति अपने बालों को जड़ से उखाड़ लेता है. यह एक तंत्रिका संबंधी विकार है जिसमें मस्तिष्क में निकलने वाले कुछ रसायन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. आइए ट्रिकोटिलोमेनिया विकार के लक्षणों और उचित उपचार के बारे में जानें.
 
ट्रिकोटिलोमेनिया विकार क्या है?

ट्रिकोटिलोमेनिया, या बाल खींचने का विकार, एक आवेग नियंत्रण विकार है. यह तब होता है जब व्यक्ति को बार-बार अपने बाल खींचने की इच्छा होती है. इसमें आपके सिर, भौंहों या शरीर के अन्य हिस्सों से बाल खींचने की बार-बार, बार-बार और अनियंत्रित इच्छा शामिल होती है.
 
ट्रिकोटिलोमेनिया विकार के कारण

किसी को भी ट्रिकोटिलोमेनिया हो सकता है. इस विकार का मुख्य कारण न्यूरोकेमिकल असंतुलन है. यह तनाव के कारण भी हो सकता है. यह एक ऐसा विकार है जो परिवारों में चल सकता है. इसमें मस्तिष्क में न्यूरोकेमिकल्स में असंतुलन हो जाता है. इसमें व्यक्ति जब तनाव में होता है तो वह अपने बाल खींचने लगता है. थोड़ी राहत के बाद चिंता फिर शुरू हो जाती है और यह चक्र चलता रहता है. यह रासायनिक असंतुलन विशेष रूप से सेरोटोनिन नामक रसायन के कारण होता है.
 
ट्रिकोटिलोमेनिया विकार के लक्षण क्या हैं?

  • तनावग्रस्त रहना
  • बार-बार बाल नोचना
  • बालों को नोचना,
  • निकाले गए बालों को खाना 

यह विकार किसी को भी प्रभावित कर सकता है, चाहे वह पुरुष हो या महिला. इस विकार में, रोगी चाहे कितना भी प्रयास कर ले कि उसके बाल न उखड़ें, लेकिन अत्यधिक चिंता के कारण वह ऐसा करने से बच नहीं पाता. इससे व्यक्ति के बाल झड़ने लगते हैं और वह गंजेपन का शिकार हो जाता है. इसका निदान तभी किया जा सकता है जब रोगी को किसी अन्य प्रकार का मानसिक स्वास्थ्य विकार न हो. यदि रोगी को किसी अन्य प्रकार का मानसिक स्वास्थ्य विकार है, तो उसे ट्रिकोटिलोमेनिया विकार नहीं कहा जा सकता.
 
ट्रिकोटिलोमेनिया विकार का उपचार क्या है?

ट्रिकोटिलोमेनिया विकार को ठीक करने के लिए आपको विशेष उपचार की आवश्यकता होती है. इसमें दवाएं और मनोचिकित्सा प्रभावी हैं. इस बीमारी से बचने के लिए उपचार से आपको बहुत मदद मिलेगी.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.) 

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