सेहत
Thyroid Storm: हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों को थायराइड स्टॉर्म का जोखिम ज्यादा रहता है, आइए जानते हैं क्या है थायराइड स्टॉर्म और इसके लक्षण क्या हैं...
थायराइड से जुड़े रोग जैसे शरीर में थायराइड हार्मोन की कमी (हाइपोथायराइडिज्म), थायराइड की अधिकता (हाइपरथायराइडिज्म), थायराइड गांठ और थायराइड कैंसर देश में लगातार बढ़ रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों में कई बार थायराइड स्टॉर्म (Thyroid Storm) का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है थायराइड स्टॉर्म और इसके लक्षण क्या होते हैं और क्यों हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों को थायराइड स्टॉर्म का जोखिम ज्यादा रहता है, ताकि आप समय रहते इस कंडीशन (Thyroid Storm Symptoms) के बारे में समझ सकें और समय पर इलाज मिल सके. तो आइए जानते हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय...
थायराइड स्टॉर्म की स्थिति में थायराइड ग्रंथि अचानक बहुत अधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन जारी करती है, जिसकी वजह से शरीर में कई तरह की गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं. थायराइड हार्मोन के अधिकता के कारण ही इसका जोखिम हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों में अधिक होता है. इस स्थिति में मरीज को तुरंत चिकित्सा ध्यान की जरूरत होती है. आइए जानते हैं क्या हैं इसके लक्षण...
तेज बुखार (100°F से ऊपर)
दिल की धड़कन का तेज होना
गंभीर चिंता, उत्तेजना या चिड़चिड़ापन
भटकाव या भ्रम होना
अत्यधिक पसीना आना और गर्मी सहन न कर पाना
मतली, उल्टी, दस्त और पेट दर्द सहित जठरांत्र संबंधी परेशानी
गंभीर मामलों में, हृदय गति का रुकना या पीलिया की समस्या हो सकती है.
हाइपरथायरायडिज्म से पीड़ित मरीजों के अलावा महिलाएं आमतौर पर पुरुषों की तुलना में अधिक प्रभावित होती हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक थायराइड स्टॉर्म के अधिकांश रोगी 40 वर्ष की आयु के आसपास के होते हैं. इन लोगों में इसका जोखिम अधिक होता है.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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