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Arrhythmia Symptoms: क्या दीपिका को है यह बीमारी, दिल की धड़कन तेज होने के कारण, लक्षण क्या हैं

क्या है Arrhythmia, क्या दिल से जुड़ी बीमारी है यह, कारण और लक्षण, कैसे पहचानें और इलाज करें. क्या दीपिका को भी यह बीमारी है

Arrhythmia Symptoms: क्या दीपिका को है यह बीमारी, दिल की धड़कन तेज होने के कारण, लक्षण क्या हैं
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डीएनए हिंदी: What is Arrythmia and Symptoms- बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone Unwell) की तबीयत अचानक बिगड़ने से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, आज उनकी हालत में थोड़ा सुधार है. खबरों के मुताबिक उन्हें दिल से जुड़ी बीमारी एरिथमिया हुई है. उन्हें थोड़ी बेचैनी हुई, सीने में दर्द और घबराहट हुई जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया. आज हम आपको इस बीमारी के बारे में बताएंगे और इसके लक्षण कैसे होते हैं, इसका इलाज क्या है, सब कुछ जानते हैं. 

दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी होना (Abnormal Heart Beat)

अगर आपको बार बार चक्कर आते हैं, बेहोशी जैसा होता है, दिल की धड़कन तेज होने लगती है, बेचैनी होती है तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. एरिथमिया एक ऐसी स्थिति का नाम है जब हमारी धड़कन सामान्य नहीं होती है. जब हमारी धड़कन 100 प्रति मिनट से अधिक हो जाती है या फिर कभी कभी 60 प्रति मिनट से नीचे चली जाती है तो इसे ब्रेडी एरिथमिया कहा जाता है. वैसे 60-100 के बीच में ही हमारी दिल की धड़कन चलनी चाहिए, यह एक्सरसाइज के दौरान 100 प्रति मिनट तक जा सकती है और सोते वक्त कम हो सकती है. यह बहुत ही सामान्य बात है. 

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एरिथमिया किन कारणों द्वारा हो सकता है? (Causes of Arrythmia)

इसके पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं, टेकी व ब्रेडी एरिथमिया बच्चों में अक्सर देखने को मिलता है. अगर जन्म से ही किसी की धड़कन बहुत कम होती है तो उसे कंजेनिटल हार्ट ब्लॉक के नाम से जाना जाता है. यह मां के शरीर में मौजूद रहने वाली ऑटो एंटीबॉडीज के कारण भी हो सकता है. अगर कोई बच्चा जन्म से ही चेनेलोपैथी के साथ पैदा होता है तो उसे आगे जाकर एरिथमिया होने का भयंकर खतरा रहता है. 

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एरिथमिया कुछ दवाइयां लेने के कारण भी हो सकता है. इनमें कुछ एंटी एरिथमेटिक ड्रग्स, डाईगॉक्सिन, एंटी साईकोटिक ड्रग्स, गैस्ट्रोइंटेस्टिनल स्टिमुलांट्स आदि शामिल हैं. इनके कारण आपको उल्टी व डायरिया जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं. कुछ बीमारियां जैसे थायरॉयड बढ़ जाना, थायरोटॉक्सिकोसिस आदि भी एरिथमिया का रूप ले सकती हैं.

कैसे पहचानें (How to Diagnosis)

ज्यादा बेचैनी होने से
घबराहट 
दिल की धडकन तेज
चक्कर आना

कैसे करें इलाज (Treatment)

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम किया जा सकता है.
ईसीजी कर सकते हैं,
एक्सटर्नल लूप रिकॉर्डर का प्रयोग किया जाता है.
यदि एरिथमिया बहुत कम बार होता है तो इसे जानने के लिए इंप्लांटबल रिकॉर्डर का प्रयोग किया जाता है

एरिथमिया को कैसे ठीक किया जा सकता है

एंटी एरिथमिया ड्रग्स भी दे सकते हैं. पेस मेकर इंप्लांटेशन भी किया जा सकता है. वेंट्रिकुलार टेकी कार्डिया से बचाने के लिए एआईसीडी भी कर सकते हैं.

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