सेहत
Weak Eyesight In Children: आज हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने बच्चों की आंखों की रोशनी को कम होने से रोक सकते हैं...
आजकल बच्चों को कम उम्र में ही चश्मा लग जा रहा है, बच्चों में आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं. इनमें मोबाइल, टैबलेट, और लैपटॉप का ज़्यादा इस्तेमाल, स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी, ऑनलाइन क्लास, गेमिंग, वीडियो खानपान की आदतें शामिल हैं. इसकी वजह से छोटे-छोटे बच्चे भी मोटे लेंस वाले चश्मे लगाए दिखते हैं.
ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने बच्चों की आंखों की रोशनी को कम होने से रोक सकते हैं, तो आइए जानते हैं इन खास उपायों का बारे में.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बच्चों के आंखों की रोशनी को कम होने से रोकने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप इसके कारणों को समझें, इसकी मदद से ही इस समस्या को दूर किया जा सकता है. तो आइए जान लेते हैं क्या हैं बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर होने की वजह...
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कम करें स्क्रीन टाइम: इसके लिए बच्चों को मोबाइल और लैपटॉप से दूर रखें, पढ़ाई के लिए स्क्रीन का उपयोग करना जरूरी है तो 20-20-20 नियम जरूर अपनाएं. इस नियम के तहत हर 20 मिनट बाद, 20 सेकंड के लिए, 20 फीट दूर देखना होता है.
बाहर खेलने को भेजें: एक्सपर्टस के मुताबिक प्राकृतिक रोशनी और हरे-भरे वातावरण में समय बिताने से आंखों की सेहत बनी रहती है, इसलिए रोजाना कम से कम 1 घंटे तक बच्चों को बाहर खेलने के लिए जरूर भेजें.
डाइट पर दें ध्यान: डाइट का ध्यान रखें, खानपान में गाजर, पालक, टमाटर, शकरकंद, बादाम और अखरोट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल करें. इसके अलावा ज्यादा मीठा और जंक फूड खाने से रोकें.
कराएं आंखों की एक्सरसाइज: बच्चों के आंखों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कुछ आसान एक्सरसाइज उनसे जरूर कराएं, इनमें अपनी उंगलियों पर ध्यान केंद्रित कर उन्हें धीरे-धीरे पास और दूर ले जाना, या आंखों को गोल-गोल घुमाना और हल्के हाथों से आंखों की मसाज करना शामिल है.
पर्याप्त नींद: बच्चों के लिए रोजाना 8-10 घंटे की गहरी नींद लेना जरूरी है, हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अच्छी नींद से आंखों की थकान कम होती है और नजर बेहतर बनी रहती है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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