सेहत
लोग सुबह से लेकर शाम तक मोबाइल पर चिपके रहते हैं. उठने से लेकर खाने तक के समय में आंखें मोबाइल पर ही रखते हैं, आपकी यह आदत सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है.
हाईटेक होते जमाने के साथ हर किसी के हाथ में मोबाइल होना एक आम चलन बन गया है. लोग सुबह से लेकर शाम तक मोबाइल पर चिपके रहते हैं. उठने से लेकर खाने तक के समय में आंखें मोबाइल पर ही रखते हैं, आपकी यह आदत सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. खाना खाते समय मोबाइल देखने से न सिर्फ व्यक्ति का ध्यान भटकता है. इससे ब्लड शुगर से वजन तक हाई होने लगता है...
एक्सपर्ट्स के अनुसार, खाना खाते समय में फोन चलाने से न सिर्फ खाने की तरफ से फोक्स को दूर करता है. यह ब्लड शुगर से लेकर वजन को बढ़ाने का काम भी करता है. खाते समय मोबाइल चलाने से हम क्या खा रहे हैं. इसके पोषण पर ध्यान नहीं जा पाता. ऐसा करने से लोग अक्सर हाई ब्लड शुगर लेवल के शिकार हो जाते हैं. वहीं वहीं बार बार ऐसा होने से इंसुलिन रेसिस्टेंस का खतरा भी कई गुणा बढ़ जाता है. यह आगे चलकर टाइप 2 डायबिटीज जैसी बीमारियों में बदल सकता है. इसलिए व्यक्ति को खाना खाते समय पूरी तरह से खाने पर फॉकस करके ही खाना चाहिए.
खाना खाने का तरीका और उसकी मात्रा दोनों ही ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करते हैं. खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट, खासकर प्रोसेस्ट और रिफाइंड जैसे सफेद ब्रेड, पास्ता, शक्कर वाले ड्रिंक तेजी से पचते हैं. इनमें ब्लड शुगर को भी तेजी से बढ़ाते हैं. वहीं दाल रोटी इसकी तुलना में सही होते हैं. वहीं कार्बोहाइड्रेट फूड्स की वजह से ही मोटापा भी बढ़ने लगता है. इनमें दाल रोटी के मुकाबले फैट अधिक होता है.
एक्सपर्ट्स की मानें तो माइंडफुल ईटिंग यानी खाने पर ध्यान लगाकर खाना ज्यादा बेहतर होता है. यह ब्लड शुगर से लेकर मोटापे को बढ़ने से रोकता है. क्योंकि खाने के हर एक बाइट पर ध्यान दिया जाता है, जिससे पता रहता है कि हम क्या खा रहे हैं और कितना खा रहे हैं. वहीं पेट भरने का अहसास भी हो जाता है, जबकि मोबाइल फोन चलाने के साथ खाना खाने पर हमारा ध्यान खाने से हटकर इसमें लग जाता है, जिसके चलते पेट भरने तक का अहसास नहीं होता और हम ओवर ईटिंग के शिकार हो जाते हैं. इसी गलती से ब्लड शुगर और वजन बढ़ने लगता है.
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