सेहत
क्या आपकी स्किन पर लाल या काले धब्बे बन रहे हैं और उसमें खुजली या इचिंग रहती है तो ये एक अच्छा संकेत नहीं है. क्योंकि ये सोरायसिस जैसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है.
सोरायसिस रोग व्यक्ति को कई तरह से परेशान कर सकता है. हालाँकि, सोरायसिस के लिए कई कारण ज़िम्मेदार होते हैं. इसलिए, अगर आप समय रहते इन कारणों की पहचान कर लें, तो सोरायसिस से राहत पा सकते हैं.
अक्सर हमारे शरीर में खुजली और पपड़ी जम जाती है. यह समस्या खासकर कोहनी, चेहरे, कानों के आसपास और घुटनों के आसपास होती है. इस स्थिति को सोरायसिस कहते हैं. सोरायसिस में त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन और सफेद पपड़ी दिखाई देने लगती है और फिर ये लाल और काली पड़ जाती है. यह बीमारी संक्रामक नहीं है, लेकिन यह आपको लंबे समय तक परेशान कर सकती है. इस स्थिति से आपको पूरी तरह राहत नहीं मिलती, लेकिन आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं.
सोरायसिस का क्या कारण है?
सोरायसिस के पीछे कई कारण होते हैं, लेकिन यह बीमारी हमारे इम्यून सिस्टम में कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकती है. आमतौर पर त्वचा कोशिकाओं का निर्माण हर 28 से 30 दिनों में होता है, लेकिन सोरायसिस में यह प्रक्रिया बहुत तेज़ी से होती है. सिर्फ़ 3 से 4 दिनों में नई कोशिकाएं बनने लगती हैं. इससे त्वचा फिर से उगने लगती है. इसके अलावा, पारिवारिक इतिहास, तनाव, धूम्रपान, शराब, मोटापा और कुछ दवाइयां भी आपको इस बीमारी का शिकार बना सकती हैं.
सोरायसिस के लक्षण
सोरायसिस के लक्षणों में त्वचा पर लाल धब्बे, स्किन बहुत ज्यादा ड्राई होना और उसपर सांप के केचुल की तरह पपड़ी पड़ना, खुजली, सूजन और जोड़ों में दर्द शामिल हैं. ये लक्षण विशेष रूप से पहले पैर या पीठ से शुरू होते हैं जो धीरे-धीरे स्कैल्प, घुटनों, पीठ और नाखूनों तक पर दिखाई देते हैं. कुछ रोगियों को स्किन इतनी ड्राई हो जाती है जिसमें से खून तक निकलने लगाता है. पूरी स्किन पर दाग आ जाते हैं और पूरे समय कितना भी क्रीम या तेल लग लो इचिंग बनी रहती है.
आप सोरायसिस को कैसे नियंत्रित करते हैं?
इस बीमारी से पूरी तरह छुटकारा पाना संभव नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को जानकर आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं. इसके लिए त्वचा को हमेशा साफ़ रखें. साथ ही संतुलित आहार लें. तनाव न लें और धूम्रपान व शराब के सेवन से बचें. अगर त्वचा पर लगातार लाल धब्बे और पपड़ी दिखाई दे रही है, तो ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. इस प्रकार, अगर आप समय रहते इन लक्षणों को जान लें, तो आप इस बीमारी को नियंत्रित कर सकते हैं.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
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