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Sweating in Winter: सर्दी के मौसम में भी पसीने से रहते हैं तरबतर? हो सकती है ये गंभीर बीमारी, न करें अनदेखा

Sweating in Winter: हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित मरीज को हर मौसम में हाथ, गर्दन, कांख, माथा और पैरों से पसीना आता है. आइए जानते हैं इसके लक्षणों के बारे में...

Sweating in Winter: सर्दी के मौसम में भी पसीने से रहते हैं तरबतर? हो सकती है ये गंभीर बीमारी, न करें अनदेखा

सर्दी के मौसम में भी पसीने से रहते हैं तरबतर? हो सकती है ये गंभीर बीमारी

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डीएनए हिंदी: सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है और इस मौसम में कई तरह की गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है. कड़ाके की इस ठंड में जहां एक तरफ (Hyperhidrosis) कई लोग रजाई से बाहर नहीं निकलते, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें इस मौसम में भी जबरदस्त पसीना होता है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है. क्योंकि यह हाइपरहाइड्रोसिस का शुरुआती लक्षण हो सकता है. बता दें कि इस बीमारी से पीड़ित (Sweating in Winter) मरीज को हर मौसम में हाथ, गर्दन, कांख, माथा और पैरों से पसीना आता है. ऐसे में आइए जानते हैं हाइपरहाइड्रोसिस क्यों होता है? इसके लक्षण क्या है और इससे  (Hyperhidrosis Symptoms) बचाव करने के लिए क्या करना चाहिए. आइए जानते हैं इसके बारे में... 
 
क्यों होता है हाइपरहाइड्रोसिस

हेल्थ एक्सपर्टस के मुताबिक हाइपरहाइड्रोसिस में स्वैट ग्लैंड और नर्वस सिस्टम के बीच के संचार में जब समस्या होती है और इस वजह से बॉडी से ज़्यादा पसीना निकलने लगता है. बता दें कि हाइपरहाइड्रोसिस की बीमारी डायबिटीज, मेनोपॉज, हॉट फ्लैश, थॉयराइड, लो ब्लड प्रेशर, कैंसर, दिल के रोग, नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर और इंफेक्शन की वजह से भी होता है. इसके अलावा अगर माता-पिता में से किसी एक को यह बीमारी है तो बच्चे को भी होने की संभावना रहती है. इतना ही नहीं स्ट्रेस और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स से भी हाइपरहाइड्रोसिस हो सकता है. 

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जानिए क्या है हाइपरहाइड्रोसिस के लक्षण

  • हाथ, पैर, माथा और कांख में लगातार पसीना आना 
  • बॉडी में लगातार चिपचिपापन महसूस होना 
  • रात को सोते समय पसीना आना.
  • सर्दी के मौसम में भी पसीना आना  
  • कपड़ों पर पसीने के बहुत ज़्यादा दाग 
  • स्ट्रेस में पसीने का और तेज आना 

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क्या है हाइपरहाइड्रोसिस का इलाज़

हाइपरहाइड्रोसिस का कोई इलाज नहीं है और अपने लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर आप इस बीमारी को कंट्रोल कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले सुबह उठने की आदत डालें. साथ ही वजन को कंट्रोल में रखने के लिए रोज़ाना व्यायाम करें. कैफीन, तंबाकू और अल्कोहल से परहेज करें और तनाव-चिंता से जितना हो सके उतना बचें. वहीं विटामिन और प्रोटीन से भरपूर खाने का सेवन करें और पसीने की दुर्गन्ध से बचने के लिए खूब पानी पिएं. इसके अलावा कॉटन के कपड़े पहने ताकि आपको ज्यादा गरमी न लगने लगे. 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें.)

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