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Nipah Virus In Kerala: केरल में मिला निपाह वायरस का संदिग्ध मामला! 42 साल की महिला में दिखे लक्षण

Nipah Virus In Kerala: मलप्पुरम जिले के पेरिनतलमण्णा स्थित एक अस्पताल में निपाह वायरस के संदिग्ध लक्षणों के साथ 42 साल की एक महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है...

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Nipah Virus In Kerala: केरल में मिला निपाह वायरस का संदिग्ध मामला! 42 साल की महिला में दिखे लक्षण

Nipah Virus In Kerala

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Nipah Virus In Kerala- केरल में निपाह वायरस के संदिग्ध लक्षणों के साथ 42 साल की एक महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इसके बाद से इलाके के लोगों में दहशत फैल गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला मलप्पुरम जिले के वालांचेरी क्षेत्र की रहने वाली है, जिसे पेरिन्थालमन्ना के एक अस्पताल में भर्ती (Nipah Virus) कराया गया है, महिला के निपाह वायरस से संक्रमित होने का संदेह है.

हालांकि जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने अभी तक किसी भी आधिकारिक पुष्टि से इनकार किया है, पर राज्य स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मरीज के सैंपल जांच के लिए राज्य और नेशनल वायरस लैबोरेट्रीज (Nipah Virus Case) को भेजे गए हैं, जिसके रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. 

इन लक्षणों के साथ महिला को कराया गया भर्ती

रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला को तेज बुखार, सिरदर्द और दौरे पड़ने जैसी गंभीर समस्याएं हुईं, जो आमतौर पर निपाह संक्रमण के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं. आइए जान लेते हैं निपाह वायरस की चपेट में आने पर शरीर में क्या लक्षण दिख सकते हैं..

  • बुखार
  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • गले में खराश
  • उल्टी और सांस लेने में परेशानी

इसके अलावा गंभीर परिस्थितियों में, संक्रमण से एन्सेफलाइटिस या ब्रेन में सूजन की समस्या पैदा हो सकती है. इससे कुछ ही दिनों में इल्यूजन, नींद आना और यहां तक ​​कि मरीज कोमा में भी जा सकता है. इसकी डेथ रेट हाई है, ऐसे में यह वायरस अक्सर संक्रमण के दो हफ्ते के अंदर मौत का कारण बनता है. 

क्या है निपाह वायरस, जाल लें

 बता दें कि निपाह वायरस एक घातक वायरस है, जो चमगादड़ों के जरिए इंसानों में फैलता है. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में भी फैल सकता है. बता दें कि फिलहाल इसकी कोई प्रभावी वैक्सीन या इलाज नहीं है. इस वायरस के फैलने का मुख्य कारण संक्रमित व्यक्तियों के बॉडी फ्लूइड के साथ सीधा संपर्क, दूषित फल खाना या संक्रमित जानवरों के साथ संपर्क में आना है. इसके अलावा यह वायरस चमगादड़ों के आधे खाए गए या जूठे फल खाने से फैल सकता है, जो अन्य जानवर इन फलों को खाते हैं वे भी इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं. 

कैसे करें बचाव?

इससे बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप पेड़ से गिरा हुआ या आधा खाया और जूठे फलों न खाएं और न ही छूएं, बीमार जानवरों, विशेष रूप से सूअरों के संपर्क में आने से बचें और आप को साफ रखें, हाथ बार-बार धोते रहें. इसके अलावा संक्रमित जानवरों या लोगों के आसपास रहते समय सुरक्षित कपड़े पहनें और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पीड़ित व्यक्तियों को अलग रखें. 

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)

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