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इस बीमारी का हुए शिकार तो समझो खेल खत्म, शून्य है इससे बचने की दर, जानें इसके लक्षण

Health News: कई बार अच्छे-खासे स्वस्थ्य व्यक्ति को अचानक से कोई रोग घेर लेता है. जिससे उसकी सेहत और जान पर बन आती है. आज हम आपको ऐसी ही वायरस के बारे में बताने वाले हैं जो शरीर में प्रवेश कर जाता है तो इंसान की मौत लगभग निश्चित है.

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इस बीमारी का हुए शिकार तो समझो खेल खत्म, शून्य है इससे बचने की दर, जानें इसके लक्षण

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Most Deadly Disease: आप पूरी तरह से स्वस्थ्य है लेकिन अचानक से इस साइलेंट किलर की चपेट में आ सकते हैं. अगर यह वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर जाता है तो मौत लगभग तय है. मेडिकल की दुनिया में यह सबसे खतरनाक रोगों में से एक है. यहां हम रेबीज की बात कर रहे हैं. यह जानवरों के कारण शरीर में प्रवेश कर सकता है. यह सीधे दिमाग और नर्वस सिस्टम पर हमला करता है. अगर इसका सही समय पर इलाज न हो तो इससे बचने की दर शून्य प्रतिशत होती है. 

कैसे फैलता है रेबीज वायरस?

रेबीज वायरस कुत्ते, बिल्ली, चमगादड़ जैसे जानवरों के काटने और खरोंचने से फैल सकता है. यह जानवरों की लार (Rabies Virus) से फैलता है. जानवर की लार और खुले घाव के आंख-मुंह के संपर्क में आने से भी रेबीज फैलता है. भारत में रेबीज के अधिकांश मामले कुत्ते के काटने के कारण (Rabies Virus Causes) सामने आते हैं.

रेबीज के लक्षण (Rabies Symptoms)

- बुखार और सिरदर्द होना
- बैचेनी और घबराहट
- गले में दर्द और निगलने में दिक्कत
- हवा पानी से डरना
- ज्यादा लार का आना
- भ्रम और गु्स्सा आना
- लकवा और कोमा

कैसे करें बचाव?

रेबीज से बचने के लिए जरूरी है कि, अगर कुत्ता या कोई जानवर काट लेता है तो तुरंत वैक्सीन लें. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, जानकर के काटने और खरोंचने के 24 घंटे के अंदर वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए. जानवर के काटने के जितने डोज डॉक्टर बताता है उसे पूरा करना चाहिए. वरना आपको दिक्कत हो सकती है.

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)

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