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Covid Study: रहता है BP ज़्यादा तो बूस्टर डोज़ के बाद भी ओमीक्रोन का खतरा

Covid Study: वैसे लोग जिनका ब्लड प्रेशर ज़्यादा रहता है. उनके लिए ओमिक्रॉन खतरे से खाली नहीं है. स्टडी कहती है कि उन्हें डबल रिस्क है जो बीपी के मरीज हैं. पढ़ें पूरी स्टडी

Covid Study: रहता है BP ज़्यादा तो बूस्टर डोज़ के बाद भी ओमीक्रोन का खतरा
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डीएनए हिंदी: हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) की बीमारी वाले लोगों के लिए ओमिक्रॉन (Omicron) डबल खतरनाक साबित हो सकता है. भले ही उन्होंने कोविड वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) की दोनों डोज लगवा ली है. जी हां, हालिया एक स्टडी बताती है कि जो मरीज ओमिक्रन के चलते अस्पताल में भर्ती हुए हैं उन्हें इसका जोखिम ज्यादा रहेगा भले ही उन लोगों ने बूस्टर डोज (Booster Dose) तक भी लगा लिया है. इस स्टडी में यह भी कहा गया है कि अगर उन्हें दूसरी बीमारियां जैसे किडनी, टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट फेल (Kidney, Diabetes and Heart Failure) की शिकायत नहीं है लेकिन हाई बीपी (High BP) है तो उनके लिए Omicron खतरनाक साबित हो सकता है और वे जयादा बीमार पड़ सकते हैं. 

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क्या कहती है स्टडी (What Study Says)

यह स्टडी लॉस एंजेलेस में स्मिद हार्ट इंस्टीट्यूट एट द सेडारसिवाई मेडिकल सेंटर की ओर से की गई है. दरअसल, वहां साल 2021- 22 तक जो लोग ओमिक्रॉन की वजह से अस्पताल में भर्ती हुए उनपर यह रिसर्च की गई और पता चला की ओमिक्रॉन से आक्रमित मरीजों को अगर बीपी है तो उनके लिए यह और बड़ी समस्या का कारण बन जाता है. इस स्टडी में यह भी सामने आया है कि आधे से ज्यादा बुजुर्गों को बीपी की शिकायत है. उनके जान का जोखिम ज्यादा होता है. 

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स्टडी में यह भी कहा जा रहा है कि कोविड 19 की दोनों वैक्सीन और बूस्टर डोज लगाने के बाद 70 फीसदी बीमारियों का रिस्क कम हो जाता है. आपको बता दें कि हाई ब्लड प्रेशर को पहले ही एक खतरनाक बीमारी समझा जाता है, जो न सिर्फ दिल बल्कि किडनी और ब्रेन से जुड़े खतरे भी बढ़ाता है.

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एक्सपर्ट का कहना है कि कोविड-19 के मरीज में हाई ब्लड प्रेशर फेफड़ा, दिल, किडनी, दिमाग पर दबाव बढ़ाता है, जो मौत का कारण बन जाता है. कोरोना के रिकवरी पीरियड में 5 से 10 दिन का समय बेहद गंभीर होता है. इस दौरान ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना काफी जरूरी हो जाता है।

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.) 


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