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Sonali Phogat Death : महिलाओं में Menopause या 40 के बाद बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा, ऐसे रहें स्वस्थ

Sonali Phogat Death by Heart Attack : हरियाणा के हिसार से भाजपा नेता की गोवा में हुई मृत्यु के बाद कम उम्र में हो रहे दिल के दौरे पर अधिक जानकारी की ज़रुरत महसूस की जा रही है. इस पर फोर्टिस हॉस्पिटल के कार्डियक साइंस डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉक्टर अजय कौल का कहना है कि बहुत कम महिलाएं यह समझ पाती हैं कि चालीस के दशक के दौरान महिलाओं और पुरुषों में हार्ट अटैक का खतरा बराबर हो जाता है.

Sonali Phogat Death : महिलाओं में Menopause  या 40 के बाद बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा, ऐसे रहें स्वस्थ
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डीएनए हिंदी : प्रसिद्द टिकटॉक सोनाली फोगाट (Sonali Phogat Heart Attack Death) की आज सुबह मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हो गयी. सोनाली 42 साल की थीं और हरियाणा में भाजपा की नेता थीं. फिलहाल इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव रहने वाली सोनाली काफी फिट नज़र आती थीं. वे अक्सर अपने डांस वीडियो अपनी इंस्टा प्रोफाइल पर साझा करती थीं. पिछले दिनों कई नामचीन  पर कमउम्र लोगों की मौत अचानक आए हार्ट अटैक से हो गई है. इनमें सिद्धार्थ शुक्ला, पुनीत राजकुमार, केके का नाम प्रमुख है. 

40-45 के बाद बराबर होता है महिलाओं-पुरुषों में हार्ट अटैक का ख़तरा 
हरियाणा के हिसार से भाजपा नेता (Sonali Phogat Death) की गोवा में हुई मृत्यु के बाद कम उम्र में हो रहे दिल के दौरे पर अधिक जानकारी की ज़रुरत महसूस की जा रही है. इस पर फोर्टिस हॉस्पिटल के कार्डियक साइंस डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉक्टर अजय कौल का कहना है कि बहुत कम महिलाएं यह समझ पाती हैं कि चालीस के दशक के दौरान महिलाओं और पुरुषों में हार्ट अटैक का खतरा बराबर हो जाता है. हार्वर्ड हेल्थ के मुताबिक़ 40 से ऊपर ही महिलाओं में यह ख़तरा मीनोपॉज के बाद और बढ़ जाता है. गौरतलब है कि यहां दिल की समस्या मीनोपॉज की वजह से नहीं, बल्कि उस दौरान होने वाले अलग हेल्थ इशू की वजह से होती है. 

Sonali Phogat Death: कम उम्र में क्यों बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा, बिल्कुल नजरअंदाज न करें ये चेतावनी 

Menopause & Heart Attack क्या है मीनोपॉज और हार्ट अटैक का कनेक्शन? 
दिल के स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने वाली वेबसाइट हार्ट डॉट कॉम अमेरिकी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नीसा गोल्डबर्ग के हवाले से बताती है कि  मीनोपॉज कार्डिवस्क्यूलर बीमारियों के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. हालांकि इस दौरान अपनाया गया अनहेल्दी लाइफस्टाइल ज़रूर दिल के ख़तरे को बढ़ा सकता है. इस दौरान अगर हाई फैट डाइट लिया गया तो वह भी समस्यापरैड साबित होगा. 

कैसे करें बचाव 
एक्सरसाइज, बेहतर डाइट, पूरी नींद, सकारात्मक रवैया चालीस के बाद आपके स्वास्थ्य को दुरुस्त रख सकता है. इसके साथ ही एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि हेल्दी सेक्स लाइफ चालीस के बाद दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है. 

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