Advertisement

Cholesterol Control: नसों में वसा से बढ़ रही ब्लॉकेज खोल देंगे ये काले बीज, कोलेस्ट्रॉल फ्री होंगी धमनियां

अगर आपकी नसों में कोलेस्ट्रॉल का जमाव बढ़ गया है तो आपके लिए जरूरी है की ऐसी चीजे खाई जाएं जो धमनियों की ब्लॉकेज को खो दें.

Latest News
Cholesterol Control: नसों में वसा से बढ़ रही ब्लॉकेज खोल देंगे ये काले बीज, कोलेस्ट्रॉल फ्री होंगी धमनियां

Black Seeds For Cholesterol

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः आपका किचन कई बीमारियों का दवाखाना भी है. नेचुरल और हर्बल तरीके से अगर आप कोलेस्ट्रॉल को कम करना चाहते हैं तो एक काला बीज आपके लिए रामबाण दवा का काम करेगा. एलडीएल कोलेस्ट्रॉल नसों की ब्लॉकेज का बड़ा कारण होता है और इसी कारण स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. रोज 45 मिनट की एक्सरसाइज और डाइट में हाई फाइबर और प्रोटीन के साथ कुछ हर्ब्स का सेवन नसों की ब्लॉकेज को खोल सकते हैं.

आज आपको काले बीज जिसे काला जीरा या कलौंजी के नाम से भी जाना जाता है, के वो फायदे बताने जा रहे हैं जो आपकी धमनियों की सूजन और कठोरता को कम करते हैं और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ा देते हैं. इसे आप किसी भी तरह से खा सकते है लेकिन भीगोकर इसे खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. 

बासी मुंह ये काढ़ा पीते ही नसों से लेकर शरीर तक की चर्बी गलेगी, जोड़ों का दर्द भी होगा छूमंतर

ये काले बीज पारंपरिक दवाओं का सबसे अहम तत्व होते हैं. कलौंदी का यूज गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और श्वसन संबंधी विकारों के इलाज के लिए भी किया जाता है और कई रिसर्च ये बताती है कि ये नसों से कोलेस्ट्रॉल को पिघलाने में भी मदद करती है. ये कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को नियंत्रण में रखने में बहुत फायदेमंद होते हैं.

लिपिड को कम करता है कलौंजी बता रही रिसर्च
वेरीवेलवेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर पर कलौंजी कारगर साबित हुई है. रिसर्च में उन लोगों को शामिल किया गया था जिनका कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज ही नहीं वेट भी अधिक था और वे मेटाबोलिक सिंड्रोम से ग्रस्त थे. इन लोग 500 मिलीग्राम से 2 ग्राम भीगे हुई कलौंजी दो महीने तक दी गई और दो महीने बाद चमत्कारिक असर नजर आया था. इन सभी लोगों का :

कोलेस्ट्रॉल से ज्यादा हो गया है ट्राइग्लिसराइड्स ? इन 5 आसान तरीकों से करें नेचुरली कंट्रोल

  • एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर 5 प्रतिशत तक बढ़ गया.
  • कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम से कम 5 प्रतिशत कमी आई.
  • एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 7 प्रतिशत तक कम हुआ था.
  • ट्राइग्लिसराइड का स्तर 8 प्रतिशत से 16 प्रतिशत के बीच कम हुआ था.

ये रिसर्च यही नहीं बंद हुई, बल्कि दो महीने बाद इन्हें कलौंजी देना बंद कर दिया गया और पाया कि सभी का कोलेस्ट्रॉल कलौजी खाना बंद करते ही बढ़ गया था.

कलौंजी लिपिड स्तर को कैसे कम करता है?
इन काले बीज में शरीर में बनने वाले कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने की क्षमता होती है क्योंकि ये छोटी आंत में कोलेस्ट्रॉल को रक्तप्रवाह में अवशोषित होने से रोकने में सक्षम होते हैं. साथ ही ये लिवर में एलडीएल रिसेप्टर्स की संख्या को बढ़ाते हैं - जो रक्त से एलडीएल को हटाने में मदद करते हैं. ये बीज एंटीऑक्सीडेंट, थाइमोक्विनोन, साथ ही पॉलीअनसेचुरेटेड वसा, फाइबर और फाइटोस्टेरॉल उच्च होते हैं इसलिए ये लिपिड-कम करने में प्रभावी असर दिखाते हैं. यही नहीं ये बीज अपने हाई एंटीऑक्सीडेंट के कारण एलडीएल को ऑक्सीकृत होने से रोकने में भी मदद करते हैं.

कोलेस्ट्रॉल के इन शुरुआती लक्षणों को पहचान लें, हार्ट अटैक-स्ट्रोक की है ये निशानी

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement