सेहत
दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एनेस्थेटिक चिकित्सा उपकरणों से लेकर एंटीबायोटिक्स और सर्जरी प्रिकॉशन किट की कमी है.
डीएनए हिंदीः दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दवाओं की किल्लत से इन दिनों मरीज जूझ रहे हैं. अस्पताल में जरूरी एंटीबॉयोटिक्स से लेकर सर्जरी प्रिकॉशन किट्स तक की कमी है.
बता दें कि गरीब मरीजों के लिए केंद्र द्वारा संचालित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इन दिनों मरीजों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके इलाज के लिए अस्पताल में कई जरूरी दवांए नहीं मिल पा रही हैं और यही कारण है कि मरीजों को महंगी दवाएं बाहर से लेकर अपना इलाज करना पड़ रहा है.
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार गरीब मरीज दवाएं न मिल पाने से बहुत परेशान हैं और कुछ दवाओं या उपकरण की कीमत बाजार में तीन हजार रुपये से भी ज्यादा हैं. ऐसे में कई मरीज दवा खरीदने में भी असमर्थ हैं.
डॉक्टरेां का कहना है कि स्थिति इतनी भयावह है कि अस्पताल में आवश्यक वस्तुओं की कमी के कारण सर्जरी तक को स्थगित करना पड़ रहा है. आर्थोपेडिक सर्जरी विंग के एक वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार एक आर्थोपेडिक वार्ड में प्लास्टर ऑफ पेरिस तक नहीं है. ऐसे में हड्डियों के टूटने पर मरीजों को प्लास्टर तक की सुविधा नहीं दी जा पा रही है.
मजबूरी में कई बार मरीज की गंभीरता को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को भेजा जा रहा है. इतना ही नहीं, यही नहीं ब्लड सोखने वाले गेज पट्टियां और घावों पर लगाई जाने वाली एंटीसेप्टिक क्रीम तक अस्पताल में मौजूद नहीं है.
मरीजों को बाहर से दवाएं, क्रीम या प्लास्टर आफ पेरिस खरीद का अस्पताल में काम चलाना पड़ रहा है.
अस्पताल के लगभग 30 विभागों में एनेस्थेटिक ड्रग्स, बैंडेज, ग्लव्स, डिस्पोजल, टांके, आईवी फ्लूड, एंटीबायोटिक्स आदि की अलमारियां खाली हो चुकी हैं. सभी ने अपने वार्ड के बाहर उपलब्ध नहीं की सूची चिपका दी है.
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