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Child Health: वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट, 2050 तक 3 में से 1 बच्चा होगा इस बीमारी का शिकार! जानें क्या है वजह

Child Obesity: वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि 2050 तक दुनिया के एक तिहाई बच्चे और किशोर मोटापे या अधिक वजन की समस्या से ग्रसित होंगे. आइए जानें क्या कहती है रिपोर्ट...

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Child Health: वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट, 2050 तक 3 में से 1 बच्चा होगा इस बीमारी का शिकार! जानें क्या है वजह

Child Obesity

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खानपान की गलत आदतें, खराब जीवनशैली, कम फिजिकल (Bad Lifestyle) एक्टिविटी के कारण इन दिनों दुनियाभर में कई तरह की गंभीर बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है. मोटापा इनमें से एक है. चिंता की बात यह है कि बच्चों में भी मोटापे (Child Obesity) की समस्या तेजी से बढ़ रही है. वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि 2050 तक दुनिया के एक तिहाई बच्चे और किशोर मोटापे या अधिक (Obesity) वजन की समस्या से ग्रसित होंगे, अगले 25 वर्षों में इसके मामले तेजी से बढ़ सकते हैं, तो आइए जानते हैं इसके बारे में... 

क्या कहती है स्टडी? 
ऑस्ट्रेलिया स्थित मर्डोक चिल्ड्रन रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक अध्ययन के मुताबिक, मोटापे की बढ़ती समस्या का स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव न केवल आर्थिक दृष्टि से भारी होगा, बल्कि यह बच्चों और किशोरों के जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करेगा. इस अध्ययन की प्रमुख लेखिका डॉ. जेसिका केर के मुताबिक, यह बढ़ती समस्या स्वास्थ्य प्रणाली और अर्थव्यवस्था पर अरबों डॉलर का बोझ डालेगी. 

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इतना ही नहीं, इसके कारण उच्च शरीर द्रव्यमान सूचकांक (BMI) से जुड़ी समस्याएं जैसे डायबिटीज, कैंसर, हार्ट संबंधी समस्याएं, सांस लेने में कठिनाई, प्रजनन संबंधी समस्याएं और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बच्चों और किशोरों को आज और भविष्य में प्रभावित कर सकती हैं. 

क्या कहते हैं आंकड़े?
शोध के मुताबिक 1990 से 2021 तक, 5 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर तीन गुना बढ़ी है. इस रिपोर्ट की मानें तो 2021 में, दुनिया भर में 493 मिलियन बच्चे और किशोर मोटापे या बहुत अधिक वजन से ग्रस्त थे. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मोटापे से ग्रस्त बच्चों में आगे चलकर स्ट्रोक, कई प्रकार के कैंसर, दिल की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज, समय से पहले मौत और मानसिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. 

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समय रहते ध्यान देना जरूरी है
डॉ. केर के मुताबिक अगर इस समस्या पर तुरंत कोई एक्शन नहीं लिया गया तो भविष्य में हमारे बच्चों का जीवन मुश्किल हो सकता है. एक्सपर्ट के मुताबिक अगर 2030 से पहले सक्रिय कदम उठाए जाते हैं, जिससे इस समस्या का हल संभव है. 

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