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RSS ने शिशुओं को गर्भ में ही संस्कार एवं मूल्य सिखाने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं के लिए ‘गर्भ संस्कार’ नाम से एक मुहिम शुरू की है.
डीएनए हिंदी: हर कोई चाहता है कि उनका बच्चा तेज और संस्कारी हो, इसके लिए मां बाप से लेकर परिवार के सभी सदस्य बच्चों को अच्छी चीजें सिखाने का प्रयास शुरू कर देते हैं. अब यह जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने ली है. आरएसएस ने शिशुओं को गर्भ में ही संस्कार एवं मूल्य सिखाने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं के लिए ‘गर्भ संस्कार’ नाम से एक मुहिम शुरू की है.
न्यास की राष्ट्रीय संगठन सचिव माधुरी मराठे बताया क स्त्री रोग विशेषज्ञों से लेकर आयुर्वेदिक प्रशिक्षकों और के साथ मिलकर एक अभियान की शुरुआत की गई है. इस अभियान के तहत बच्चों को गर्भ में ही संस्कार दिए जाएंगे. इसके लिए गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं को रामायाण पाठ, योगाभ्यास और गीता सुनाई जाएगी.
दो साल तक बच्चों के लिए चलाया जाएगा कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं से लेकर दो साल की उम्र तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा. उन्हें गीता के श्लोंक और रामायण की चौपाई सुनाई जाएगी. इसे बच्चा गर्भ में ही गीता से लेकर रामायण का पाठ सिखेंगा.
गर्भ में बच्चों को मिलेंगे संस्कार
मराठे ने कहा कि इस अभियान मकसद बच्चों को गर्भ से ही अपने संस्कार देने का लक्षण रखा गया है. यह संभव है, जिस तरह से जीजाबाई ने छत्रपति शिवाजी के जन्म से पहले ही एक राजा के जन्म की कामना की थी.उनकी यह कामना पूर्ण भी हुई. इसी तरह गर्भवती महिलाओं को प्रार्थना करनी चाहिए, जिसे बच्चों में अच्छे हिंदू शासकों के गुण आ सकें.
1000 हजार महिलाओं को किया जाएगा शामिल
गर्भ में संस्कार सिखाने के अभियान के संघ की महिला शाखा से करीब 1000 गर्भवती महिलाओं को न्यास मुहिम में शामिल किया जाएगा. जब तक बच्चा दो साल का नहीं हो जाता. तब तक यह जारी रहेगा. इस अभियान के तहत न्यास ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय रविवार को एक कार्यशाला भी आयोजित की है. इसमें स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया.
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