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Men's Health: पुरुषों में 40 की उम्र के बाद बढ़ जाता है इस गंभीर बीमारी का खतरा, समय रहते जान लें बचाव के उपाय

Men's Health: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, पुरुषों में कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जाता है. पुरुषों में विशेष रूप से 40 की उम्र के बाद ये खतरनाक बीमारी ज्यादा देखने को मिलती है....

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Men's Health: पुरुषों में 40 की उम्र के बाद बढ़ जाता है इस गंभीर बीमारी का खतरा, समय रहते जान लें बचाव के उपाय

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Men's Health- जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, पुरुषों में कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जाता है. इन्हीं में से एक है प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer), जो पुरुषों में विशेष रूप से 40 की उम्र के बाद ज्यादा देखने को मिलती है. बता दें कि प्रोस्टेट ग्रंथि पुरुषों के मूत्राशय (यूरिनरी ब्लैडर) के नीचे स्थित एक छोटी सी अखरोट के आकार की ग्रंथि होती है, जो स्पर्म का एक हिस्सा बनाने वाले तरल पदार्थ का उत्पादन करती है. 

पुरुषों में सबसे ज्यादा प्रोस्टेट कैंसर देखने को मिलता है, यह कैंसर आमतौर पर धीमी गति से बढ़ता है. लेकिन, इसकी गंभीरता को देखते हुए इसके शुरुआती लक्षणों (Prostate Cancer Symptoms) और बचाव के तरीकों के बारे में जान लेना जरूरी है...

क्या हैं प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण? 

  • बार-बार पेशाब आना खासतौर से रात में
  • पेशाब की पतली धार या पेशाब करने में कठिनाई होना
  • पेशाब करने के बाद भी मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का एहसास 
  • बार-बार मूत्र पथ के संक्रमण यानी UTI की समस्या
  • पेशाब में खून आने की समस्या

नोट- हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर कैंसर हड्डियों तक फैल जाए तो इससे रीढ़ की हड्डी या कूल्हे की हड्डी में भयंकर दर्द महसूस हो सकता है. इन लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज न करें. 

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इन बातों का रखें ध्यान

बता दें कि अगर परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास रहा है तो 40 या 45 साल की उम्र से पहले स्क्रीनिंग कराना बहुत ही जरूरी होता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्रोस्टेट कैंसर का पता आमतौर पर जांच के दौरान रक्त में प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन (PSA) के स्तर में वृद्धि के रूप में चलता है. यह ब्लड टेस्ट प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन यानी PSA के स्तर को मापता है. 

इसके अलावा डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन (DRE) प्रोस्टेट ग्रंथि में किसी भी असामान्यता का पता लगाने के लिए करते हैं. वहीं ट्यूमर का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, सीटी या पीईटी/सीटी स्कैन आदि का इस्तेमाल किया जाता है. 

क्या हैं बचाव के उपाय? 

बता दें कि प्रोस्टेट कैंसर को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है पर जीवनशैली बदलाव और नियमित जांच से इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है, इसके अलावा प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को कम करने के लिए हेल्दी डाइट फॉलो करें, नियमित व्यायाम करें और धूम्रपान और शराब से दूर रहें.

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)

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