Advertisement

खराब आंखों की रोशनी ही नहीं, ज्यादा Screen Time से इन गंभीर समस्याओं का भी बढ़ता है खतरा

Too Much Screen Time Effects: अगर आप जरूरत से ज्यादा मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी देखते हैं तो आपको इन गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं इनके बारे में...

Latest News
खराब आंखों की रोशनी ही नहीं, ज्यादा Screen Time से इन गंभीर समस्याओं का भी बढ़ता है खतरा

स्क्रीन टाइम

Add DNA as a Preferred Source

आजकल लोगों का स्क्रीन टाइम काफी ज्यादा बढ़ गया है. लेकिन, बेहवजह मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी देखते हुए घंटों बिता देते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो (Too Much Screen Time Effects) सकता है. इससे न केवल आपकी आंखों (Eyesight) पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि सेहत से जुड़ी अन्य बीमारियों का जोखिम भी बढ़ता है. ऐसे में स्क्रीन टाइम (Screen Time) कम करना बेहद जरूरी है. आज हम आपको ऐसी ही कुछ गंभीर समस्याओं के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आपको स्क्रीन टाइम ज्यादा होने के कारण जूझना पड़ सकता है. तो आइए जानते हैं ज्यादा स्क्रीन टाइम से किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है... 

आंखों से जुड़ी समस्या 

इसका सबसे ज्यादा असर आंखों की सेहत पर होता है, ऐसी स्थिति में अगर आपको दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई दे रही हैं, साफ देखने के लिए पलकों को तिरछा करने या आंखों को हल्का सा बंद करने की जरूरत होती है या फिर अक्सर सिरदर्द या आंख पर जोर महसूस होता रहता है तो आपको तुरंत स्क्रीन टाइम कम कर देना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये मायोपिया के शुरुआती संकेत हो सकते हैं और इसका तुरंत उपचार किया जाना जरूरी है. 


यह भी पढे़ं:  High BP को नेचुरली करना है कंट्रोल? आज से ही करना शुरू कर दें ये काम, नहीं पड़ेगी दवा की जरूरत


नींद से जुड़ी समस्या 

ज्यादा स्क्रीन टाइम से नींद न आने की समस्याएं हो सकती है और ज्यादा स्क्रीन देखते रहने से नींद के लिए आवश्यक मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर प्रभावित हो सकता है. इसके कारण आपको अच्छी नींद नहीं आने की समस्या या फिर बार-बार नींद टूटने की समस्या हो सकती है. ऐसे में अगर आप भी कुछ दिनों से इसका अनुभव कर रहे हैं तो सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद कर दें.  

बढ़ सकता है वजन

इससे आपका वजन भी बढ़ सकता है, बता दें कि स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के कारण शारीरिक निष्क्रियता काफी कम होने लगती है और कैलोरी बर्न कम होती है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में वजन बढ़ने से आप अन्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हृदय रोग, डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों की चपेट में आ  सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक बच्चों के अधिक मोबाइल के इस्तेमाल के कारण उनमें यह जोखिम अधिक होता है. 

Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.

DNA हिंदी अब APP में आ चुका है. एप को अपने फोन पर लोड करने के लिए यहां क्लिक करें.

देश-दुनिया की Latest News, ख़बरों के पीछे का सच, जानकारी और अलग नज़रिया. अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement