सेहत
Symptoms and Dangers of Low Platelets?: खून में अगर प्लेटलेट्स कम हो जाए तो ये जानलेवा हो सकता है. डेंगू, चिकनगुनिया या मलेरिया ही नहीं हाई फीवर तक में प्लेटलेट्स कम हो जाता है. इसके लक्षण क्या हैं और एक स्वस्थ व्यक्ति में कितना प्लेटलेट्स ब्लड में होना चाहिए, चलिए जानें.
डेंगू और मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बरसात में बढ़ जाता है, तीनों ही मच्छरजनित बीमारियां हैं जिसमें तेज बुखार और प्लेटलेट्स की कमी होने लगती है अगर सही तरीके से बीमारी में केयर न किया जाए तो. खास बात ये है कि प्लेटलेट्स कम होने से जान जाने का खतरा बढ़ जाता है और ये प्लेटलेट्स हाई वायरल फीवर में भी हो सकता है. इसलिए इन बीमारियों में प्लेटलेट्स पर नजर रखना जरूरी होता है.
तो चलिए जानते हैं प्लेटलेट्स ज़्यादा कम होना क्यों जोखिम भार होता है? और इसके खतरे-संकेत क्या हैं. साथ ही एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में कितने प्लेटलेट्स होने चाहिए.
एक स्वस्थ व्यक्ति में कितने प्लेटलेट्स होते हैं?
एक सामान्य और स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या डेढ़ लाख से साढ़े चार लाख प्रति माइक्रोलीटर के बीच होती है. अगर किसी व्यक्ति का प्लेटलेट्स काउंट इस सीमा के भीतर है, तो उसे सामान्य माना जाता है. हालाँकि, अगर यह संख्या इससे कम हो जाती है, तो शरीर में कई तरह की समस्याएँ पैदा हो सकती हैं.
डेंगू में प्लेटलेट्स क्यों कम हो जाते हैं?
डेंगू मच्छरों के काटने से होता है. जब डेंगू का वायरस शरीर में प्रवेश करता है, तो यह प्लेटलेट्स को नष्ट करना शुरू कर देता है. डेंगू का वायरस अस्थि मज्जा (हड्डी का वह भाग जो रक्त का उत्पादन करता है) को प्रभावित करता है, जिससे नए प्लेटलेट्स का उत्पादन कम हो जाता है. शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली प्लेटलेट्स को दुश्मन समझकर उन्हें नष्ट करना शुरू कर देती है. इससे डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या तेज़ी से कम हो जाती है.
प्लेटलेट की कमी कब खतरनाक मानी जाती है?
प्लेटलेट्स की संख्या एक लाख से कम होने पर डॉक्टर सतर्क हो जाते हैं, लेकिन अगर यह संख्या बीस हज़ार से कम हो जाए, तो स्थिति गंभीर मानी जाती है और इससे जान जाने तक का खतरा होता है.
वायरल संक्रमण में कम हो जाता है प्लेटलेट्स
कुछ वायरल संक्रमणों में प्लेटलेट्स की संख्या में कमी देखी जा सकती है. वायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं और प्लेटलेट्स के उत्पादन या जीवनकाल को प्रभावित कर सकते हैं.
प्लेटलेट्स कम होने पर ये लक्षण दिख सकते हैं
प्लेटलेट्स कम होने पर क्या होता है
रक्तस्राव का खतरा बढ़ता है: प्लेटलेट्स की कमी से रक्तस्राव होने का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि प्लेटलेट्स रक्त को जमने में मदद करते हैं. बहुत कम प्लेटलेट्स काउंट से गंभीर रक्तस्राव हो सकता है, जो जानलेवा हो सकता है.
डेंगू से उबरने में कितना समय लगता है?
डेंगू से उबरने में आमतौर पर दो से तीन हफ़्ते लगते हैं. अगर प्लेटलेट्स बहुत कम हैं, तो ठीक होने में ज़्यादा समय लग सकता है. डॉक्टर की देखरेख, उचित आहार और आराम से प्लेटलेट्स धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं.
प्लेटलेट्स बढ़ाने के घरेलू उपाय
डेंगू एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर इलाज और देखभाल से इसे रोका जा सकता है. प्लेटलेट काउंट की निगरानी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह शरीर को रक्तस्राव से बचाता है.