सेहत
Insulin Resistance: पेट की चर्बी और गर्दन के मस्से इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से भी हो सकते हैं, यहां जानिए क्या है यह बीमारी और इससे बचने के उपाय
डीएनए हिंदी: त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याओं में सबसे आम समस्या हैं मस्से. ये मस्से आमतौर पर गर्दन, हाथों और पैरों पर दिखाई देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं? पेट की लटकती चर्बी, मोटी काली गर्दन और मस्से एक गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं. दरअसल यह (Insulin Resistance) इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है. लेकिन आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि, आज हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स के बारे में बताने वाले हैं, जिसकी मदद से (Insulin Resistance Home Remedy) आप इससे छुटकारा पा सकते हैं. तो आइए जानते हैं इस समस्या के बारे में साथ ही जानेंगे इससे बचने के कुछ आसान टिप्स के बारे में.
क्या है इंसुलिन रेजिस्टेंस
इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या तब होती है जब मसल्स, शरीर में फैट और लिवर में सेल्स संकेत का विरोध या अनदेखी करना शुरू कर देते हैं जो हार्मोन इंसुलिन बाहर भेजने की कोशिश करता है. जो ब्लडस्ट्रीम से ग्लूकोज को बाहर निकाल इसे हमारी सेल्स में डालता है. ऐसे में जब सेल्स इंसुलिन के संकेत के लिए पर्याप्त रूप से प्रतिक्रिया नहीं करते हैं, तो इससे प्रीडायबिटीज हो सकती है. जो इसे पूर्ण विकसित यानी टाइप 2 डायबिटीज में बदल सकती है.
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डाइट में शामिल फाइबर फूड्स
फाइबर डाइजेशन को धीमा कर देता है, जिससे आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है. जो आपको अधिक खाने से रोकता है और वेट लॉस में मदद करता है. इसके अलावा यह आंत की चर्बी को कम करने में भी मदद करता है.
कार्ब्स कम करें
इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने के लिए खाने वाले कार्ब्स की मात्रा में कटौती करें. साधारण कार्ब्स बहुत जल्दी टूट जाते हैं और ब्लड शुगर में तेजी से बढ़ाते हैं दूसरी ओर कॉम्प्लेक्स कार्ब्स में अधिक फाइबर होता है जिसे डाइजेशन में अधिक समय लगता है. सरल कार्बोहाइड्रेट का सबसे बड़ा स्रोत चीनी माना जाता है.
तनाव
तनाव सीधे इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण नहीं बनते, लेकिन तनाव के समय प्रसारित होने वाले हार्मोन ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकते हैं. ये तनाव हार्मोन किसी संकट या आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक एनर्जी के तेजी से काम करने वाले स्रोत के लिए ग्लाइकोजन की रिलीज को गति प्रदान करते हैं.
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ट्रांस फैट से करें परहेज
ट्रांस फैटी एसिड मानव निर्मित फैट होते हैं, जिसे खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 2018 में हार्ट हेल्थ, ब्लड शुगर, वजन पर उनके प्रभाव के कारण ट्रांस फैट पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसलिए बिस्कुट, वेफर्स, पैकेट और तले हुए फूड्स में मौजूद ट्रांस फैट से परहेज करें.
एक्सरसाइज करें
रेगुलर एक्सरसाइज करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है. इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी कई इंसुलिन रेजिस्टेंस जोखिम कारकों को उलट देती है और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करती है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
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