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प्यार भरा किस दे सकता है मानसिक तनाव! नई रिसर्च में Kiss से Depression का कनेक्शन आया सामने

Kissing Transmit Depression: ईरान में नए शादीशुदा जोड़ों पर हुए एक रिसर्च के मुताबिक, डिप्रेस्ड पार्टनर को किस करने से आपको भी डिप्रेशन हो सकता है. आइए जानें कैसे ये आपकी मानसिक सेहत पर असर डालता है...

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प्यार भरा किस दे सकता है मानसिक तनाव! नई रिसर्च में Kiss से Depression का कनेक्शन आया सामने

 kissing transmit depression anxiety 

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पार्टनर को किस करना अपने प्यार (Love And Relationship) को जाहिर करने के सबसे शानदार  (kissing) तरीका है. यह न केवल रिश्तों को मजबूत बनाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकता है. आमतौर पर किस करने के कई फायदे भी गिनाए जाते हैं. लेकिन, हाल ही में आई एक स्टडी में किस और मानसिक तनाव या Depression से कनेक्शन पाया गया है. इस स्टडी के मुताबिक डिप्रेशन (Depression) और एंग्जायटी पार्टनर्स के बीच (Kissing Transmit Depression) किस करने से भी हो सकता है. आइए जानते हैं क्या कहती है स्टडी... 

क्या कहती है स्टडी? 

एक्सप्लोरेटरी रिसर्च एंड हाइपोथीसिस इन मेडिसिन (Exploratory Research and Hypothesis in Medicine) में पब्लिश ईरान में न्यूली वेड कपल्स पर हुई एक रिसर्च में पाया गया है कि जब आप पार्टनर को किस करते हैं, खाना शेयर करते हैं या उनके पास रहते हैं तो इस स्थिति में मुंह के बैक्टीरिया आपस में बदलते हैं और ये बैक्टीरिया मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को प्रभावित कर सकते हैं.

इस रिसर्च में पहले स्वस्थ पार्टनर के मुंह में वही बैक्टीरिया (Clostridia, Veillonella, Bacillus और Lachnospiraceae) पाए गए जो मानसिक रूप से बीमार पार्टनर के मुंह में मिले थे. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये बैक्टीरिया ब्रेन फंक्शन पर असर डालते हैं और ब्लड-ब्रेन बैरियर को भी नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं. बता दें कि हेल्दी पार्टनर तक ये बैक्टीरिया डिप्रेस्ड पार्टनर को किस करने, उनके साथ खाना शेयर करने या उनके बहुत करीब होने की वजह से पहुंचे थे.

इतने लोगों पर हुई स्टडी  

इस स्टडी में ईरान के 1,740 नए शादीशुदा जोड़ों को शामिल किया गया था, जिनके शादी को औसतन 6 महीने हुए थे. इस स्टडी में शामिल 268 लोग ऐसे थे जो डिप्रेशन, एंग्जायटी और नींद की समस्या से जूझ रहे थे और उनके पार्टनर पूरी तरह मानसिक रूप से स्वस्थ थे. स्टडी के नतीजे में पाया गया कि जो पार्टनर शुरुआत में बिलकुल स्वस्थ थे, उनमें 6 महीने बाद मानसिक स्वास्थ्य में भी गिरावट देखी गई और 6 महीने बाद मेंटली फिट पार्टनर्स में भी डिप्रेशन और एंग्जायटी के लक्षण देखने को मिले..

क्या ये है डरने की बात? 

स्टडी में महिलाओं पर इसका ज्यादा असर दिखा है, महिलाएं इस बैक्टीरिया ट्रांसफर और उसके असर से ज्यादा प्रभावित होती हैं. हालांकि यह रिसर्च अभी शुरुआती स्तर पर है और यह दिखाती है कि हमारा लाइफस्टाइल, रिश्ते और हेल्थ एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं. 

लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप अपने पार्टनर से दूरी बना लें, आपके पार्टनर को मानसिक समस्या है तो इसपर समय रहते ध्यान दें ताकि आप दोनों स्वस्थ रहें. इसके लिए आप कपल्स थेरेपी का सहारा ले सकते हैं. 

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)

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