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किडनी की फिल्टर करने की क्षमता घटाता है High BP, बढ़ता है इस गंभीर बीमारी का खतरा

Kidney Damage Due To High BP: हाई बीपी की समस्या अगर लंबे समय तक बनी रहे तो इसकी वजह से गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, इसका बुरा असर किडनी पर भी पड़ता है..

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किडनी की फिल्टर करने की क्षमता घटाता है High BP, बढ़ता है इस गंभीर बीमारी का खतरा

Kidney Damage Due To High BP: 

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Kidney Failure Due To High BP: आजकल की खराब जीवनशैली, खानपान की गलत आदतों के कारण लोगों में हाई बीपी समेत कई अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाई बीपी (High BP) की समस्या अगर लंबे समय तक बनी रहे तो यह जानलेवा साबित हो सकती है. बता दें कि हाई ब्लड प्रेशर हार्ट (Heart) और किडनी के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है.

इस स्थिति में किडनी के फेल (kidney Health) होने तक की समस्या हो सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं कैसे हाई बीपी किडनी को डैमेज करता है और इस स्थिति में किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. 

हाई बीपी का किडनी पर क्या पड़ता है असर? 

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर होने पर ब्लड वेसेल्स पर दवाब बढ़ जाता है और इससे लंबे समय में किडनी यानि गुर्दे की ओर जाने वाली धमनियों का रास्ता संकरा, सख्त या कठोर होने लगता है, इस स्थिति को मेडिकल भाषा में रीनल आर्टरी स्टेनोसिस कहा जाता है. इस वजह से किडनी तक ब्लड और ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता है.

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किडनी में होने वाले नुकसान की वजह से शरीर में जमा होने वाले विषाक्त पदार्थों को ठीक से छानने की क्षमता कम हो जाती है और किडनी की बॉडी में फ्ल्यूड और ब्लड प्रेशर दोनों को कंट्रोल करने की क्षमता कम होती जाती है. ऐसे में यह एक हानिकारक चक्र बना जाता है, जो किडनी को डैमेज कर सकता है.  

कम करता है किडनी की फिल्टर करने की क्षमता

बता दें कि किडनी के अंदर छोटी फ़िल्टरिंग यूनिट होती है, जिसे नेफ़्रॉन कहते हैं. यह खून में जमा अपशिष्ट, अतिरिक्त तरल पदार्थ और विषाक्त पदार्थों को निकालने और साफ करता है.  पर हाई ब्लड प्रेशर नेफ़्रॉन के अंदर की नाज़ुक ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचाता है और इससे खून ठीक तरीके से फिल्टर नहीं होता, फिल्टरिंग क्षमता कम होती है. 

क्रोनिक किडनी डिजीज

ऐसे में शरीर में अपशिष्ट और तरल पदार्थ जमा हो जाते हैं और इस वजह से बॉडी में सूजन और कई दूसरी समस्याएं आने लगती हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह डैमेज ग्लोमेरुलर फिल्टरेशन रेट (GFR) को कम करता है, जो किडनी का एक जरूर फंक्शन माना जाता है. कम GFR यानी किडनी खून को ठीक तरीके से फिल्टर नहीं कर पा रही है. ऐसी स्थिति में क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) का सामना करना पड़ सकता है.

प्रोटीन लीक 

हाई ब्लड प्रेशर होने पर जरूरी प्रोटीन टॉयलेट में लीक हो सकता है, जिसे प्रोटीनुरिया के रूप में जाना जाता है और इस कंडीशन को किडनी के लिए खतरनाक माना जाता है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. बता दें कि हाई ब्लड प्रेशर को बिना ट्रीट किए रहने से किडनी पर बुरा असर पड़ता है और इससे क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. 

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)

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