Advertisement

Uric Acid : आर्थराइटिस से दिल के दौरे का भी खतरा, यूरिक एसिड का खतरनाक साइड इफेक्‍ट

नॉटिंघम और कील विश्वविद्यालय (University of Nottingham and Kiel ) के शोध में ये बात सामने आई है कि यूरिक एसिड (Uric Acid)के बढ़ने और आर्थराइटिस (Arthritis) के कारण दिल के दौरे (Heart Attack) और स्‍ट्रोक (Stroke) का खतरा भी बढ़ता है.

Latest News
Uric Acid : आर्थराइटिस से दिल के दौरे का भी खतरा, यूरिक एसिड का खतरनाक साइड इफेक्‍ट

आर्थराइटिस से दिल के दौरे का भी खतरा

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: शोध में पाया गया कि जोड़ों में दर्द, जकड़न या सूजन होने पर केवल यूरिक एसिड ही नहीं, हार्ट की भी जांच करानी चाहिए. यह पता लगाना चाहिए कि कहीं ब्‍लड में क्‍लॉटिंग तो नहीं हो रही. 

नॉटिंघम और कील विश्वविद्यालय ने पाया कि आर्थराइटिस यानी गाउट होने के चार महीने के अंदर शरीर में ऐसे बदलाव होते हैं जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा अस्थायी रूप से बढ़ जाता है. रिसर्च में पाया गया कि आर्थराइटिस से हार्ट अटैक-ब्रेन हेमरेज का ही नहीं, कई बार फेफड़े में इन्फेक्शन का भी खतरा बढ़ता है. 

यह भी पढ़े :  Cancer symptoms: सुबह के समय नजर आते हैं ब्‍लड कैंसर के ये संकेत, पहचानें इसके और भी लक्षण 


बता दें कि आर्थराइटिस में सिर से लेकर पैर के अंगूठे तक हिस्‍सा प्रभावित होता है. सबसे हले यूरिक एसिड बढ़ने अंगूठे में इसका असर दिखता है. गठिया का शुरुआती लक्षण अंगूठे से शुरू होकर जोड़ों तक पहुंचाता है. यूरिक एसिड क्रिस्‍टल के रूप में जोड़ों में जमा होने लगता है और यही कारण है कि यहां दर्द की समस्‍या होती है. लेकिन नए शोध बताते हैं कि यूरिक एसिड के बढ़ने बनने वाले क्रि‍स्‍टल कई बार दिल या मस्तिष्‍क में खून की आपूर्ति को भी रोक देते हैं.  

यह भी पढ़े :  Diabetes : 2 घंटे में शुगर कम कर देता है ये लाल फल, मीठे की तलब भी होगी शांत  

पहचानें गठिया के लक्षण

  1. जोड़ो में दर्द होना 
  2. जोड़ों में सूजन और जलन 
  3. जोड़ों में जकड़न और चटकन 
  4. थकान 
  5. हल्का बुखार रहना
  6. एनीमिया 
  7. सीढ़ियां चढ़ने-उतरने और अधिक दूर तक चलने में दर्द होना

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों पर अलग नज़रिया, फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement