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Covid 19 Vaccine: कोरोना के 2 नए वैरिएंट मिलने के बाद कई लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि हमें लगी हुई कोविड वैक्सीन क्या अब भी असरदार है, या जो दो डोज पहले लग चुके हैं वह अभी फैल रहे JN.1 वैरिएंट और नए वैरिएंट से हमें बचा पाएंगे. आइए जानते हैं...
भारत में कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, देश में फिलहाल कोरोनावायरस (Coronavirus) के 1,009 एक्टिव मामले हैं और संक्रमण से करीब 7 लोगों की मौत भी (Covid Cases In India) हो गई है. इनमें से ज्यादातर मामले वैरिएंट JN.1 के हैं. हालांकि अब कोरोना के 2 नए वैरिएंट एक्टिव (Covid New Variant) हो गए हैं. पहला है NB.1.8.1 और दूसरा है LF.7. एक्सपर्ट्स के मुताबिक NB.1.8.1 और LF.7 ओमिक्रॉन के ही सब-वैरिएंट हैं, जो 2022 तक सक्रिय थे. बताया जा रहा है कि NB.1.8.1, JN.1 वैरिएंट का ही वंशज है और LF.7 इससे संबंधित एक अन्य सब-वैरिएंट है.
ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि हमें लगी हुई कोविड वैक्सीन (Corona Vaccine) क्या अब भी असरदार है, या जो दो डोज पहले लग चुके हैं वह अभी फैल रहे JN.1 वैरिएंट और नए वैरिएंट से हमें बचा पाएंगे. आइए जानते हैं...
बता दें कि अब ज्यादातर लोगों को कोविड-19 की 2 वैक्सीन लग चुकी हैं और कुछ लोग तीसरी डोज यानी बूस्टर डोज भी लगवा चुके हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन का ही एक रूप है. कोविड की वैक्सीन इस वायरस के खिलाफ अच्छी इम्यूनिटी देती हैं. हालांकि JN.1 की इम्यून इवेजन क्षमता के कारण यह वैक्सीनेटेड लोगों को भी हल्के रूप से संक्रमित करता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक पिछली वैक्सीनेशन या इन्फेक्शन से मिली इम्यूनिटी समय के साथ कम हो रही है.
ऐसे में हाई-रिस्क ग्रुप्स यानी जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो चुकी है, जिनमें (बुजुर्ग और कोमॉर्बिडिटी वाले लोग शामिल हैं), उन्हें बूस्टर डोज लेने की सलाह दी जाती है. स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of health) ने भी हाई-रिस्क ग्रुप्स के लिए बूस्टर वैक्सीनेशन लगवाने की सिफारिश की है.
WHO ने कोरोना के LF.7 और NB.1.8 सब-वैरिएंट को निगरानी में रखे जाने वाले वैरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया है, लेकिन, WHO ने अब तक इन दोनों वैरिएंट को चिंताजनक नहीं बताया है. ये दोनों वैरिएंट अधिक संक्रामक तो हैं, पर अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि ये पिछले ओमिक्रॉन स्ट्रेन की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी या अधिक मृत्यु दर का कारण बनता है.
बता दें कि NB.1.8.1 और LF.7 से संक्रमित मरीजों में इसके लक्षण हल्के ही देखे गए हैं, जो सामान्य सर्दी या हल्के फ्लू के समान होते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि वायरस के खिलाफ कोविड वैक्सीन अब भी लोगों को सुरक्षा कवच प्रदान कर रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोविड वैक्सीन लगवाने वाले इन दोनों वैरिएंट से संक्रमित होने के बावजूद गंभीर बीमारी का सामना करने से बच सकते हैं.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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