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Alcohol Consumption: शराब पीने से क्या होता है शरीर में बदलाव, वाकई दूर होती है थकान-चिंता? पढ़ें ये रिपोर्ट

Alcohol Consumption: शराब पीने से शरीर में क्या बदलाव होता है, क्या वाकई शराब पीने से दिमागी थकान और चिंता की समस्या दूर होती है? यहां पढ़ें क्या कहती है स्टडी....

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Alcohol Consumption: शराब पीने से क्या होता है शरीर में बदलाव, वाकई दूर होती है थकान-चिंता? पढ़ें ये रिपोर्ट

Alcohol Consumption

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शराब (Alcohol) का सेवन करना सेहत के लिए कितना हानिकारक (Alcohol Consumption) है, यह बात किसी से छिपी नहीं है. हर कोई जानता है किसी भी रूप में शराब का सेवन करना हानिकारक है. लेकिन, फिर भी कुछ लोग रोजाना तो कुछ लोग किसी खास मौके(Mental Fatigue) पर शराब पीते हैं. कई लोग ऐसे हैं, जिनका मानना है कि शराब पीने से दिमागी (Alcohol And Stress) थकान, तनाव और चिंता दूर होती है. लेकिन, क्या वाकई ऐसा होता है? आइए जानते हैं शराब पीने से शरीर में क्या बदलाव होता है और क्या इससे (Alcohol And Brain Health) दिमागी थकान और चिंता दूर होती है?

क्या कहती है स्टडी? 
जब शरीर में शराब जाती है तो इसका असर दिमाग और शरीर पर तुरंत पड़ता है. ऐसी स्थिति में थोड़ी देर के लिए आप शांत और स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं. वहीं दूसरी ओर अल्कोहल आपके दिल की धड़कन को धीमा कर देता है और एक्टिविटी को कम कर देता है. जिसका सीधा सा अर्थ है कि पहली बार व्हिस्की या वाइन पीने पर अल्कोहल का शांत करने वाला असर आपको अस्थायी रूप से चिंता से राहत दिलाने में मदद कर सकता है. लेकिन, यह इस बात को दिमाग में फिट कर लें कि इसका असर हमेशा के लिए नहीं होता है. 

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एक स्टडी के मुताबिक, अल्कोहल शुरू में चिंता विकारों से पीड़ित लोगों के लिए चिंता के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है. लेकिन, यह राहत अस्थायी होता है. अल्कोहल चिंता का स्थायी समाधान नहीं है. हकीकत में लंबे समय में यह चिंता को और भी बदतर बनाने का काम करता है. 

क्या होता है असर? 
एक्सपर्ट्स के मुताबिक दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामाइन नाम के कुछ रसायन होते हैं, जो मूड को ठीक रखते हैं. ऐसे में जब हम ज्यादा मात्रा में शराब पीते हैं तो इन रसायनों का संतुलन बिगड़ जाता है और इससे चिंता बढ़ सकती है. ऐसी स्थिति में शुरुआत में आपको शराब पीने से थोड़ी शांति मिल सकती है, पर बाद में यह तनाव की समस्या को और ज्यादा बढ़ा सकती है. 

शराब की लत
जब नशा कम होने लगता है तो चिंता बढ़ सकती है. इसलिए जो लोग चिंता से परेशान होते हैं और शराब पीते हैं, उनमें इसकी लत लगने का खतरा ज्यादा होता है. क्योंकि ऐसी स्थिति में शराब से अपनी चिंता को कम करने की कोशिश करते हैं, जिससे हालत और खराब हो सकती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक चिंता और शराब की लत एक दूसरे को और बढ़ा सकते हैं. 

ऐसी स्थिति में जब लोग चिंता दूर करने के लिए शराब पीने लगते हैं तो ये एक साइकल बन सकता है. रिसर्च के मुताबिक रोज शराब पीने से चिंता और उसकी समस्याएं बढ़ सकती हैं और ये लत और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है. ऐसे में तनाव को दूर करने के लिए शराब का सेवन करना किसी भी रूप में ठीक नहीं है. 

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट्स से संपर्क करें.)

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