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Premarital Medical Tests: शादी से पहले कपल्स देखें 'मेडिकल कुंडली', बर्बाद होने से बच जाएगी Married Life 

Medical Test Before Wedding: MBBS, MD डॉ. अनिल नौसरान के मुताबिक शादी से पहले हर कपल को कुछ मेडिकल टेस्ट जरूर कराना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में प्रवेश करने के बाद पति-पत्नी के सामने कोई दिक्कत नहीं आती है...

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Premarital Medical Tests: शादी से पहले कपल्स देखें 'मेडिकल कुंडली', बर्बाद होने से बच जाएगी Married Life 

Medical Test Before Wedding

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जमाने से भारतीय घरों में शादी से पहले लड़का-लड़की की कुंडली मिलाने की परंपरा चली आ रही है. इससे जीवनसाथी, विवाह की अनुकूलता, बच्चे, पारिवारिक ज़िंदगी जैसी कई तरह की जानकारी मिलती है. हालांकि, बदलते वक्त के साथ अब हेल्थ एक्सपर्ट्स शादी से पहले कपल्स को 'मेडिकल कुंडली' (Medical Kundali) देखने पर जोर दे रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक शादी से पहले लड़के और लड़की को ये मेडिकल टेस्ट (Medical Test Before Wedding) जरूर करवाना चाहिए.

MBBS, MD डॉ. अनिल नौसरान के मुताबिक शादी से पहले हर कपल को कुछ मेडिकल टेस्ट (Premarital Medical Tests) जरूर कराना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन (Married Life) में प्रवेश करने के बाद पति-पत्नी के सामने कोई दिक्कत नहीं आती है. इससे HIV/AIDS और अन्य आनुवंशिक विकारों जैसे थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, यौन संचारित रोग (STDs), हेपेटाइटिस B और C, और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलती है. साथ ही इससे दोनों परिवारों की जेनेटिक बीमारियों (Medical Tests) और किसी तरह के इन्फेक्शन के बारे में पता लगाया जा सकता है. 

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कौन से टेस्ट हैं जरूरी

HIV/AIDS: इसके शुरुआती पहचान से साथी या भविष्य के बच्चों में संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है.

हेपेटाइटिस B और C: शादी के पहले हेपेटाइटिस बी और सी का टेस्ट करा लिया जाए तो भविष्य में आने वाली परेशानियों से बचाव किया जा सकता है। 

सिफिलिस: शुरुआती पहचान और उपचार से जटिलताओं और साथी में संक्रमण को रोका जा सकता है.

थैलेसीमिया: रक्त परीक्षण से इस आनुवंशिक रक्त विकार के वाहक की पहचान की जा सकती है, जिससे जोड़े को बच्चों के जन्म के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद मिल सकती है.

सिकल सेल एनीमिया: थैलेसीमिया की तरह, रक्त परीक्षण से इस आनुवंशिक विकार के वाहकों की पहचान की जा सकती है, जो दोनों भागीदारों के वाहक होने पर संतानों को प्रभावित कर सकता है.

रूबेला (जर्मन खसरा): महिलाएं जो रुबेला से प्रतिरक्षित नहीं हैं, वे गर्भावस्था के दौरान संक्रमण से बचने के लिए सावधानियां बरत सकती हैं, क्योंकि रुबेला से जन्म दोष हो सकते हैं.

आनुवंशिक विकार: कुछ परीक्षण आनुवंशिक रोगों जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस,  या मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए स्क्रीन करते हैं, जो शादी से पहले जरूरी है.  

रक्त समूह अनुकूलता (Rh फैक्टर): यदि भागीदारों के Rh फैक्टर (Rh-नकारात्मक और Rh-सकारात्मक) असंगत हैं, तो यह गर्भावस्था में जटिलताए पैदा कर सकता है, इससे नवजात शिशुओं में हेमोलिटिक रोग, लेकिन उचित देखभाल से इसे प्रबंधित किया जा सकता है. 

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