सेहत
ब्लड डोनेशन के बाद लोगों को कई गलतफमियां होती हैं कि इससे शरीर में कमजोरी आती है और खून की कमी हो जाती है लेकिन होता ठीक इसका उल्टा है. खून दान करने से शरीर में नया खून बनता है जिससे कई फायदे होते हैं और कमजोरी भी नहीं होती है.
खून ग्रुप पॉजिटिव और नेगेटिव होते हैं जैसे ए, बी, एबी और ओ, और सभी समूहों के स्वस्थ लोग ब्लड डोनेशन कर सकते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ब्लड डोनेशन के बाद शरीर को उतनी ही मात्रा में खून बनाने में कितना समय लगता है?
स्टैनफोर्ड ब्लड सेंटर (stanfordbloodcenter.org) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्लड डोनेशन करने के बाद, शरीर तुरंत लाल खून कोशिकाओं को पुनः प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर देता है. कुछ खून घटक कुछ घंटों या दिनों में बहाल हो जाते हैं, जबकि अन्य को बहाल होने में अधिक समय लगता है.
प्लाज्मा: ब्लड डोनेशन के बाद शरीर में प्लाज्मा का पुनर्जनन 24 से 48 घंटों के भीतर हो जाता है.
लाल खून कोशिकाएं (आरबीसी): लाल खून कोशिकाओं को पूरी तरह से बदलने में आमतौर पर 4 से 8 सप्ताह का समय लगता है.
आयरन का स्तर: खून में लौह स्तर को सामान्य होने में 8 सप्ताह तक का समय लग सकता है.
ब्लड डोनेशन के बाद शरीर को स्वस्थ होने में कैसे मदद करें?
पानी और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं, आयरन युक्त आहार खाएं जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, संतरे, दालें और मेवे शामिल हों. ब्लड डोनेशन के बाद 24 घंटे तक पर्याप्त आराम करना महत्वपूर्ण है.
खून कितनी बार दान किया जा सकता है?
भारत में स्वास्थ्य दिशानिर्देशों के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति तीन महीने में एक बार ब्लड डोनेशन कर सकता है. पुरुषों के लिए 12 सप्ताह और महिलाओं के लिए 16 सप्ताह में ब्लड डोनेशन करना सुरक्षित माना जाता है.
ब्लड डोनेशन के फायदे
ब्लड डोनेशन करने से दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा कम होता है.
ब्लड डोनेशन करने से रक्त प्रवाह में सुधार होता है और धमनियों की रुकावटें कम होती हैं.
ब्लड डोनेशन करने से आयरन का स्तर संतुलित रहता है.
ब्लड डोनेशन करने से संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का पता चलता है.
ब्लड डोनेशन करने से कैंसर का खतरा कम होता है.
ब्लड डोनेशन करने से वज़न कम करने में मदद मिलती है.
ब्लड डोनेशन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है.
ब्लड डोनेशन करने से त्वचा का स्वास्थ्य बेहतर रहता है.
ब्लड डोनेशन करने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है.
ब्लड डोनेशन करने से तनाव कम होता है और निगेटिव भावनाएं दूर होती हैं.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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