सेहत
उत्तराखंड में HIV संक्रमण के मामलों में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है, आए दिन नए केस मिल रहे हैं. असुरक्षित यौन संबंध ही नहीं, इस कारण तेजी से फैल रही है ये बीमारी...
उत्तराखंड में HIV संक्रमण के मामलों में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुमाऊं मंडल में बीते 15 महीने में एचआईवी के करीब 477 नए मामले सामने (Drug Injection) आए हैं, जिनमें 370 पुरुष, 98 महिलाएं, 8 बच्चे और एक ट्रांसजेंडर मरीज शामिल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 38 मरीज जेल से जुड़े हैं. ये केस लगातार बढ़ रहे हैं और हर दिन करीब पांच नए मामले (HIV Transmission) सामने आ रहे हैं.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से निपटने के लिए जागरूकता अभियान और प्रभावी रोकथाम के उपायों की जरूरत है.
एआरटी सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. वैभव कुमार के मुताबिक, मरीजों की बढ़ती संख्या के पीछे एक ओर जहां जांच और इलाज को लेकर बढ़ती जागरूकता है, वहीं दूसरी तरफ इसके पीछे का बड़ा कारण नशे की लत और असुरक्षित यौन संबंध है. खासतौर से युवा वर्ग में नशे की लत, विशेषकर एक ही सिरिंज का बार-बार उपयोग करने की वजह से लोगों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है.
एड्स से कैसे बचें?
अपने पार्टनर के साथ वफादार रहें और ज्यादा व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाने से बचें, असुरक्षित यौन संबंध से परहेज करें और यौन संबंध बनाने पर निरोध का प्रयोग करना चाहिए. अस्पताल में इंजेक्शन लगाते समय नए सिरिंज का प्रयोग होना चाहिए, इस बात का ध्यान रखें. इसके अलावा अस्पताल में अगर खून चढ़ाने की जरूरत पड़ जाए तो पहले पूरी तरह स्पष्ट हो जाए कि जो खून आपको चढ़ाया जा रहा है वह किसी रोग से ग्रसित तो नहीं है. साथ ही नशे के सेवन से दूर रहें और असुरक्षित रूप से सिरिंज का इस्तेमाल न करें.
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बता दें कि ड्रग्स लेने वाले अधिकांश लोग एक ही सिरिंज का प्रयोग करते हैं, जिसकी वजह से संक्रमित के खून के संपर्क में आने से वायरस फैलता है. इतना ही नहीं यह खतरनाक प्रथा न केवल नशे की लत को बढ़ावा देती है, बल्कि युवाओं के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है. ऐसी में समाज में जागरूकता और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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