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'पेट खाली है, दिमाग नहीं चल रहा', जानें आखिर क्या है भूख का ब्रेन से कनेक्शन

Gut-Brain Connection: अगर हमारा पेट हेल्दी है, तो इससे हमारा दिमाग भी हेल्दी रहता है. पेट की सेहत का सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है.  आइए जानें जब हमें भूख लगती है तो दिमाग काम करना बंद क्यों कर देता है...

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'पेट खाली है, दिमाग नहीं चल रहा', जानें आखिर क्या है भूख का ब्रेन से कनेक्शन

Health effects of hunger on brain

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'भूख लगी है, दिमाग नहीं चल रहा है', आपने ऐसा कई लोगों के मुंह से सुना होगा. ऐसा माना जाता है कि तेज दिमाग का रास्ता स्वस्थ पेट से होकर जाता है. जी हां. पेट का मानसिक स्वास्थ्य से सीध संबंध होता है, जिसे गट-ब्रेन कनेक्शन (Gut-Brain Connection) कहा जाता है. हाल ही में हुए एक नए शोध के मुताबिक अगर हमारा पेट हेल्दी है, तो इससे हमारा (Brain Response to Hunger) दिमाग भी हेल्दी रहता है. पेट की सेहत का सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है.  

पेट और दिमाग के बीच क्या है कनेक्शन?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक आंत का सीधा संबंध दिमाग से होता है. जब आंत में बुरे बैक्टीरिया ज्यादा हो जाते हैं, तो दिमाग की कई कोशिकाएं प्रभावित होने लगती हैं. इसके अलावा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट यानी आंत बहुत संवेदनशील होती है, यह सीधे दिमाग में भावनाओं को प्रभावित करती है और इसकी वजह से मानसिक परेशानियां बढ़ने लगती हैं. 

इसके अलावा गट-ब्रेन एक्सिस आंतों और मस्तिष्क को जोड़ती है और यह शरीर में कुछ रास्तों के जरिए पेट और दिमाग के बीच संचार करती है. ऐसे में अगर पेट में खराबी होती है तो एंग्जायटी, डिप्रेशन, चिंता, गुस्सा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे ही अगर किसी की मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है, तो पेट की समस्याएं भी हो सकती हैं.

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दिमाग और भूख का कनेक्शन क्या है? 
एक्सपर्ट्स के मुताबिक खाली पेट हमारे दिमाग की वायरिंग डिस्टर्ब होती है और इससे सोचने-समझने की क्षमता भी प्रभावित होती है. बता दें कि दिमाग का वो हिस्सा जो फैसले लेता है वह गट में मौजूद हंगर हार्मोन पर डिपेंड होता है और जब हंगर हार्मोन घ्रेलिन ब्लड ब्रेन बैरियर से ज्यादा हो जाता है, तो इससे ब्रेन की एक्टिविटीज सीधे तौर पर प्रभावित होती है. 

इसके अलावा शरीर में बनने वाला करीब 50% डोपामिन और 95% सेरोटोनिन गट में ही बनता है. यह एक तरह का न्यूरोट्रांसमीटर है, जो किसी तरह की संतुष्टि जैसे खाने या नींद पूरी होने पर खुशी महसूस कराता है. ऐसी स्थिति में खाली पेट न सेरोटोनिन बन पाता है और ना ही डोपामिन, कोर्टिसोल बनने लगता है वो अलग. इसी वजह से शरीर स्ट्रेस में आने लगता है और मूड खराब हो जाता है. 

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पेट और दिमाग को कैसे रखें स्वस्थ

  • संतुलित आहार लें.  
  • प्रोबायोटिक्स 
  • पानी पिएं
  • नियमित व्यायाम
  • तनाव कम करें

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)

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