सेहत
Healthy India by 2047: केंद्र सरकार जल्द ही सभी एज ग्रुप्स के लिए न्यूट्रीएंट्स गाइडलाइंस जारी करने का फैसला ले सकती है, 2047 तक हेल्दी इंडिया का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में यह अहम कदम हो सकता है...
खराब जीवनशैली, खानपान की गलत आदतों के कारण इन दिनों लोगों में मोटापा (obesity) समेत अन्य बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. लैंसेट में छपी एक स्टडी के मुताबिक, साल 2050 तक भारत की बड़ी आबादी मोटापे का शिकार होगी. वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार चाहती है कि देश 2047 तक हेल्दी इंडिया (Healthy India) के लक्ष्य को हासिल करे, इसके काफी ज्यादा कोशिशें भी की जा रही हैं. इसी कड़ी में सरकार ने जल्द ही सभी एज ग्रुप्स के लिए न्यूट्रीएंट्स गाइडलाइंस (Nutrient Guidelines) जारी करने का फैसला ले सकती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छोटे बच्चों, टीन एजर्स से लेकर एडल्च और बुजुर्गों के लिए यह न्यूट्रीएंट्स गाइडलाइंस जल्द जारी हो सकती है, जिसमें बताया जाएगा कि किस उम्र के लिए कितना न्यूट्रीएंट्स यानी प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन की मिनिमम रिक्वायरमेंट्स है.
बता दें कि एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि इसका मकसद ज्यादा वजन और मोटापे की परेशानियों को दूर करने के साथ कुपोषण को खत्म करना है. यह लोगों की अच्छी सेहत और वेल बीइंग से जुड़ा भारत के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गो 3 को हासिल करने और '2047 तक हेल्दी इंडिया' बनाने की दिशा में एक अहम कदम है.
यह भी पढ़ें: क्या High Uric Acid के मरीज खा सकते हैं मखाना? जानें इसके फायदे और नुकसान
इस साल की शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भारत में बढ़ते मोटापे के मुद्दे को उठाया था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे कई बीमारियों का मूल कारण बताते हुए, लोगों से इस क्रोनिक हेल्थ कंडीशन से लड़ने के लिए खाने वाले तेल की खपत में 10% की कमी करने और नियमित रूप से फिजिकल एक्सरसाइज करने की गुजारिश की थी.
लैंसेट की एक स्टडी में अनुमान लगाया गया है कि 2050 तक भारत की एक तिहाई आबादी या 449 मिलियन (44.9 करोड़) लोग मोटपे के शिकार होंगे. बता दें कि ग्रामीण और शहरी दोनों तरह की आबादी के बीच मोटापे की समस्या देखी जा रही है. आंकड़ों की मानें तो भारत में मौजूदा समय में हर चौथा व्यक्ति मोटापे से जूझ रहा है.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.