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Vitamin D की कमी से जूझ रहे हैं आप? पढ़ें इससे जुड़ी 5 ऐसी बातें, जो आपको होनी चाहिए पता

Vitamin D Deficiency: हम आपको बता रहे हैं शरीर में विटामिन D की कमी के क्या लक्षण नजर आते हैं. साथ ही बताएंगे 5 ऐसी बातों को बारे में, जो विटामिन D की कमी से जूझ रहे लोगों को पता होनी चाहिए.

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Vitamin D की कमी से जूझ रहे हैं आप? पढ़ें इससे जुड़ी 5 ऐसी बातें, जो आपको होनी चाहिए पता

Vitamin D

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विटामिन D (Vitamin D) की कमी इन दिनों लोगों में काफी ज्यादा देखने को मिल रही है, हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही समय पर शरीर को धूप न मिलने और दफ्तरों में काम करने वाले लोगों का धूप के संपर्क में कम आने से व्यक्ति को विटामिन D की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. शरीर में विटामिन D की कमी होने पर कई तरह के लक्षण नजर आते हैं, ऐसी स्थिति में भूलकर भी विटामिन D की कमी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

आज हम आपको बता रहे हैं शरीर में विटामिन D की कमी के क्या लक्षण नजर आते हैं. साथ ही बताएंगे 5 ऐसी बातों को बारे में, जो विटामिन D की कमी से जूझ रहे लोगों को पता होनी चाहिए.

क्या दिखते हैं विटामिन D की कमी के लक्षण?

  • हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होना 
  • मांसपेशियों में कमजोरी आना 
  • थकान की समस्या
  • लगातार ठंड लगना
  • सिरदर्द की समस्या 
  • अवसाद 
  • संतुलन की समस्या
  • ताकत का नुकसान
  • बालों के झड़ने की समस्या


क्यों होती है विटामिन डी कमी? 

विटामिन डी की कमी का सबसे बड़ा कारण धूप में न जाना है. इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वह दिन में कम से कम आधा घंटा धूप के संपर्क में आएं. इसके लिए सुबह 8 से 11 बजे के बीच का समय अच्छा माना जाता है. 

कितना होना चाहिए विटामिन D? 

एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर में विटामिन डी का लेवल हमेशा 20 ng/mL से ज्यादा होना चाहिए और 18 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए विटामिन डी का सामान्य लेवल 50 ng/mL से 125 ng/mL होता है. वहीं इसका स्तर अगर 20 ng/mL से कम है तो विटामिन डी की कमी मानी जाती है. 

कैसे बढ़ाएं विटामिन डी?

शरीर में विटामिन डी की कमी को बढ़ाने का बेस्ट तरीका सूरज की रोशनी है. रोजाना 10 से 15 मिनट धूप में सेकें. इसके अलावा डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D की दवाएं शुरू करें. साथ ही अपनी डाइट में मछली, अंडा शामिल करें. 

किन समस्याओं का करना पड़ता है सामना? 

ऐसी स्थिति में मरीजों को  थका हुआ महसूस होता है और उन्हें कमजोरी महसूस होती है. साथ ही हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों का कमजोर होना और तनाव का स्तर बढ़ने जैसी समस्याएं बढ़ जाती है. इससे इम्यूनिटी भी कमजोर हो जाती है, जिसके कारण फ्लू होने का जोखिम बढ़ जाता है. 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)  

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