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WHO की पूर्व वैज्ञानिक ने कहा HMPV वायरस से घबराने की जरूरत नहीं, जानें संक्रमण से बचने के लिए क्या करें

विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) से घबराने की कोई बात नहीं है.

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WHO की पूर्व वैज्ञानिक ने कहा HMPV वायरस से घबराने की जरूरत नहीं, जानें संक्रमण से बचने के लिए क्या करें

WHO की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने HMPV से न घबराने की अपील

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विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) वायरस से बचाव के साथ इससे न घबराने की सलाह दी है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, यह एक जानामाना वायरस है जो श्वसन संक्रमण का कारण बनता है, ज्यादातर हल्का होता है.

सुश्री स्वामीनाथन का कहना है कि जैसे लोग सर्दी-जुकाम के लक्षणों से बचने के लिए सावधानी रखते हैं वैसे ही इस बीमारी से बचाव करें. जैसे- मास्क पहनें, हाथ धोएं, भीड़ से बचें, गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से परामर्श लें. उन्होंने कहा, हर रोगाणु का पता लगने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय हमें सावधानी पर ध्यान देना चाहिए.

 

WHO की पूर्व वैज्ञानिक ने कहा HMPV वायरस से घबराने की जरूरत नहीं, जानें संक्रमण से बचने के लिए क्या करें

विशेषज्ञ का यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब सोमवार को कर्नाटक और गुजरात में तीन शिशुओं में इस विषाणु की पुष्टि हुई, जो भारत में एचएमपीवी का पहला मामला है. तीन में से दो मामलों का पता कर्नाटक में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा कई श्वसन वायरल रोगजनकों के लिए नियमित निगरानी के माध्यम से लगाया गया था. किसी भी मरीज का कोई अंतरराष्ट्रीय यात्रा का इतिहास नहीं था.

एचएमपीवी एक श्वसन वायरस है जिसने हाल ही में चीन में इसके प्रकोप की रिपोर्ट के बाद वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है. यह एक वायरल रोगजनक है जो सभी आयु वर्ग के लोगों में श्वसन संक्रमण का कारण बनता है. 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय चीन में वायरस के प्रसार पर नज़र रख रहा है. आशंकाओं को दूर करने की कोशिश करते हुए उन्होंने कहा कि यह "कोई नया वायरस नहीं है".

इससे पहले, स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि एचएमपीवी पहले से ही भारत सहित दुनिया भर में प्रचलन में है और इससे जुड़ी श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले कई देशों में सामने आए हैं. इसने कहा कि देश में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) या गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है. 

2001 में नीदरलैंड में पहली बार खोजा गया एचएमपीवी पैरामाइक्सोविरिडे परिवार से संबंधित है. यह रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस से बहुत करीब से संबंधित है. यह खांसने या छींकने से निकलने वाली सांस की बूंदों के साथ-साथ दूषित सतहों को छूने या संक्रमित व्यक्तियों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है.
 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर्स से संपर्क करें.)    

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